हिमाचल में निकाय चुनाव: कल थमेगा प्रचार, ड्राई-डे लागू, सोलन और मंडी पर सबकी नजर, 439 पदों के लिए 1147 उम्मीदवार मैदान में
May 14, 2026 12:12 PMशिमला: हिमाचल प्रदेश में नगर निगम, नगर परिषद और नगर पंचायत चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मी चरम पर पहुंच गई है। राज्य के 4 नगर निगम समेत कुल 51 शहरी निकायों में 17 मई को मतदान होना है। इससे पहले 15 मई को दोपहर 3 बजे चुनाव प्रचार पूरी तरह थम जाएगा। इसके बाद उम्मीदवार सार्वजनिक रैलियां, जुलूस, ढोल-नगाड़ों और समर्थकों के बड़े समूह के साथ प्रचार नहीं कर सकेंगे। चुनाव आयोग ने साफ निर्देश दिए हैं कि प्रचार बंद होने के बाद केवल व्यक्तिगत संपर्क और घर-घर जाकर सीमित प्रचार ही किया जा सकेगा। चुनावी माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए प्रशासन ने सभी जिलों में निगरानी बढ़ा दी है।
कल दोपहर से लागू होगा ड्राई-डे, 17 मई को होगा मतदान
राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार 15 मई दोपहर 3 बजे से ड्राई-डे लागू हो जाएगा। इस दौरान शराब ठेके, बीयर बार, होटल और अन्य स्थानों पर शराब की बिक्री और परोसने पर पूरी तरह रोक रहेगी। मतदान समाप्त होने तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा। एक्साइज विभाग को आयोग की ओर से विशेष निगरानी रखने और नियम उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह से मतदाताओं को प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीमें विभिन्न क्षेत्रों में लगातार जांच अभियान चला रही हैं। सीमावर्ती जिलों में भी वाहनों की चेकिंग बढ़ाई गई है।
राज्य के सभी 51 शहरी निकायों में 17 मई को सुबह 7 बजे से मतदान शुरू होगा। वोटिंग दोपहर 3 बजे तक चलेगी। इसके बाद अधिकतर नगर परिषद और नगर पंचायतों में उसी दिन मतगणना शुरू कर दी जाएगी और परिणाम घोषित कर दिए जाएंगे। हालांकि सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगमों के नतीजों के लिए 31 मई तक इंतजार करना होगा। चुनाव आयोग ने मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। मतदान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन यानी EVM के जरिए कराया जाएगा। संवेदनशील मतदान केंद्रों पर अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात किए जाएंगे।
439 पदों पर 1147 उम्मीदवार मैदान में, 3.80 लाख मतदाता करेंगे फैसला
राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार इस बार 51 शहरी निकायों में 439 पदों के लिए कुल 1147 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। कांगड़ा जिले में सबसे ज्यादा 218 प्रत्याशी मैदान में हैं। इसके अलावा मंडी में 180, शिमला में 123, सोलन में 121 और ऊना में 118 उम्मीदवार चुनावी मुकाबले में शामिल हैं। बिलासपुर में 87, चंबा में 72, हमीरपुर में 44, कुल्लू में 100 और सिरमौर में 84 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। आयोग के अनुसार चुनावी प्रक्रिया को लेकर सभी जिलों में कर्मचारियों की ड्यूटी तय कर दी गई है और मतदान दलों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
निकाय चुनाव में इस बार करीब 3.80 लाख मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इनमें 1,80,963 पुरुष, 1,79,882 महिला और 14 अन्य मतदाता शामिल हैं। चुनाव आयोग ने मतदाताओं से अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है। प्रशासन ने मतदान केंद्रों पर पेयजल, छाया और अन्य मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था करने के निर्देश दिए हैं। गर्मी को देखते हुए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि मतदाताओं को किसी तरह की परेशानी न हो।
नगर निगम चुनाव बने राजनीतिक प्रतिष्ठा का सवाल
सोलन, मंडी, धर्मशाला और पालमपुर नगर निगम चुनावों पर पूरे प्रदेश की नजर टिकी हुई है। इन चुनावों में पार्टी चिन्ह पर मतदान होता है, इसलिए इन्हें 2027 विधानसभा चुनाव से पहले का राजनीतिक सेमीफाइनल माना जा रहा है। कांग्रेस और भाजपा दोनों दलों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंक दी है। राजनीतिक दलों के वरिष्ठ नेता लगातार जनसभाएं और रोड शो कर रहे थे। अब प्रचार थमने के बाद उम्मीदवार अंतिम समय में व्यक्तिगत संपर्क पर जोर देंगे। चुनाव परिणामों को प्रदेश की आगामी राजनीतिक दिशा के संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है।
राज्य निर्वाचन आयोग के मुताबिक कुछ वार्डों में उम्मीदवार निर्विरोध भी चुने गए हैं। नगर पंचायत करसोग के वार्ड नंबर 1 और 3, नगर परिषद ज्वालामुखी के वार्ड नंबर 2 और नगर पंचायत बंजार के वार्ड नंबर 6 में पार्षद निर्विरोध चुने गए हैं। इसके अलावा नगर पंचायत रिवाल्सर के वार्ड नंबर 1, नेरवा के वार्ड नंबर 2, 3 और 4 तथा चिड़गांव के वार्ड नंबर 2 में भी उम्मीदवार बिना मुकाबले विजयी घोषित किए गए हैं। आयोग ने सभी निर्विरोध निर्वाचित उम्मीदवारों को प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।