Himachal Pradesh News: पंचायत चुनावों से पहले नशा कारोबारियों पर प्रशासन सख्त, इलेक्शन में अवैध शराब पर रहेगी निगरानी
May 08, 2026 2:38 PM
शिमला: हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले में पंचायत चुनावों से पहले प्रशासन ने नशा कारोबारियों और अवैध शराब नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई तेज करने के निर्देश जारी किए हैं। जिला उपायुक्त अनुपम कश्यप ने पटवारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नशे के कारोबार में शामिल लोगों की रिपोर्ट तुरंत संबंधित एसडीएम को भेजी जाए, ताकि उनकी संपत्तियों की जांच कर कानूनी कार्रवाई की जा सके। जिला स्तरीय मासिक एनकॉर्ड बैठक में प्रशासन ने चुनावों के दौरान नशा और अवैध शराब के इस्तेमाल को रोकने के लिए कई अहम फैसले लिए।
राजस्व विभाग और पुलिस मिलकर जुटाएंगे जानकारी
बैठक की अध्यक्षता करते हुए DC अनुपम कश्यप ने कहा कि शिमला पुलिस लगातार नशे के खिलाफ अभियान चला रही है। प्रशासन की कार्रवाई से पड़ोसी राज्यों से जुड़े नशा तस्करों में भी डर का माहौल बना है। उन्होंने राजस्व विभाग समेत अन्य विभागों को निर्देश दिए कि नशा कारोबारियों की संपत्तियों और आर्थिक गतिविधियों से जुड़ी जानकारी प्राथमिकता के आधार पर पुलिस के साथ साझा की जाए। उन्होंने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान किसी भी प्रकार की गैरकानूनी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन का उद्देश्य केवल कार्रवाई करना नहीं बल्कि नशे के नेटवर्क को जड़ से खत्म करना है। इसके लिए विभागीय स्तर पर नियमित निगरानी और समन्वय बैठकों का सिलसिला जारी रहेगा।
पंचायत चुनावों में अवैध शराब पर विशेष नजर
उपायुक्त ने कहा कि पंचायत चुनावों के दौरान अवैध शराब की बिक्री, स्टॉकिंग और वितरण पर एक्साइज विभाग विशेष निगरानी रखेगा। चुनावों में शराब के इस्तेमाल को रोकने के लिए पुलिस और आबकारी विभाग संयुक्त अभियान चलाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों में नियमित जांच और गश्त भी बढ़ाई जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय बैठकें लगातार आयोजित की जाएंगी। शिमला प्रशासन का कहना है कि निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर सख्ती बरती जाएगी।
“ड्रग फ्री हिमाचल” अभियान को स्कूलों तक पहुंचाने की तैयारी
बैठक में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान को और प्रभावी बनाने पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने निर्णय लिया कि “ड्रग फ्री हिमाचल” मोबाइल ऐप की जानकारी जिले के स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों तक पहुंचाई जाएगी। इसके अलावा नशा विरोधी गतिविधियों और कार्यक्रमों का रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। प्रशासन का मानना है कि युवाओं को जागरूक बनाकर ही नशे की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। शिक्षा संस्थानों में अभियान चलाकर छात्रों को नशे के दुष्प्रभावों और कानूनी परिणामों की जानकारी दी जाएगी।
अंतरराज्यीय नशा गिरोहों पर पुलिस की कार्रवाई जारी
शिमला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह ने बैठक में कहा कि एनडीपीएस एक्ट के तहत मामलों में तेजी से कार्रवाई की जा रही है। पुलिस लगातार अंतरराज्यीय नशा गिरोहों का भंडाफोड़ कर रही है और चुनावों के दौरान भी ऐसे नेटवर्क पर विशेष नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि कई बार चुनावी माहौल में नशा कारोबारी और अवैध शराब तस्कर सक्रिय हो जाते हैं। ऐसे तत्व चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं, इसलिए पुलिस ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। पुलिस की टीमें लगातार सूचना जुटाने और कार्रवाई करने में लगी हुई हैं।
जिले के सभी स्कूलों में चलेगा टीबी जांच अभियान
बैठक में शिक्षा विभाग ने यह भी जानकारी दी कि अगले एक महीने के भीतर शिमला जिले के सभी स्कूलों में टीबी जांच अभियान चलाया जाएगा। निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले स्कूलों और संस्थानों को “टीबी मुक्त स्कूल” प्रमाणपत्र दिया जाएगा। इस बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त सचिन शर्मा, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी पंकज शर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमित ठाकुर समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने स्वास्थ्य और सामाजिक जागरूकता अभियानों को भी पंचायत चुनावों के दौरान प्राथमिकता देने की बात कही।