Punjab News: जालंधर में पुलिस कार्रवाई के दौरान युवक की गोली लगने से मौत, क्रॉस फायरिंग में युवक की जान गई
Jun 06, 2026 11:12 AM
जालंधर: पंजाब के जालंधर जिले के मेहतपुर क्षेत्र में शनिवार देर रात एक पुलिस कार्रवाई के दौरान अटेम्प्ट टू मर्डर केस के आरोपी लवप्रीत उर्फ लवी की गोली लगने से मौत हो गई। मेहतपुर थाना पुलिस आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए उसके गांव बंगीवाल स्थित घर पहुंची थी। घटना के बाद पुलिस और मृतक के परिजनों के बयान पूरी तरह अलग-अलग सामने आए हैं। पुलिस का कहना है कि भीड़ की ओर से गोली चलाए जाने के बाद आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की गई, जबकि परिवार ने आरोप लगाया है कि युवक को पुलिस ने सीधे निशाना बनाया। मामले ने पूरे क्षेत्र में चर्चा और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है।
पुलिस के अनुसार लवप्रीत उर्फ लवी अटेम्प्ट टू मर्डर के एक मामले में वांछित था। सूचना मिली थी कि वह अपने घर आया हुआ है। इसके बाद मेहतपुर थाना प्रभारी अमन सैनी पुलिस टीम के साथ गांव बंगीवाल पहुंचे। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेने की कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान घर के बाहर परिजनों और स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। पुलिस का कहना है कि स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण हो गई और मौके पर बहस तथा धक्का-मुक्की की स्थिति बन गई। मेहतपुर पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान भीड़ ने पुलिस टीम के साथ हाथापाई की। इसी बीच गोली चलने की आवाज सुनाई दी। पुलिस का दावा है कि हालात को देखते हुए आत्मरक्षा में दो राउंड फायर किए गए। पुलिस के मुताबिक जवाबी कार्रवाई के दौरान एक गोली लवप्रीत की टांग में लगी। गंभीर रूप से घायल होने पर उसे तत्काल नकोदर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस का कहना है कि पूरी घटना की जांच की जा रही है।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
दूसरी ओर मृतक के परिवार ने पुलिस के दावों को पूरी तरह खारिज किया है। परिजनों का कहना है कि घटना के समय लवप्रीत घर के बाथरूम में था और पुलिस उसे गिरफ्तार करने पहुंची थी। परिवार का आरोप है कि जैसे ही वह बाहर आया, सिविल कपड़ों में मौजूद एक पुलिसकर्मी या गनमैन ने पीछे से गोली चला दी। मृतक के चाचा छिंदा सिंह ने दावा किया कि लवप्रीत को जानबूझकर निशाना बनाया गया। परिजनों का कहना है कि गोली उसकी जांघ के ऊपरी हिस्से में लगी, जिससे अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और बाद में उसकी मौत हो गई।
घटना के दौरान मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो भी सामने आए हैं। वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की मांग उठ रही है। हालांकि वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाई गई परिस्थितियों को लेकर अभी कोई आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि वीडियो जांच में महत्वपूर्ण साक्ष्य साबित हो सकता है और इससे घटना की वास्तविक परिस्थितियों को समझने में मदद मिलेगी।
एसएसपी ने जांच का दिया भरोसा
जालंधर ग्रामीण पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया है। एसएसपी हरविंदर सिंह विर्क ने कहा है कि घटना के हर पहलू की जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जांच के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुरूप कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस और परिवार के दावों में स्पष्ट विरोधाभास है। ऐसे में जांच रिपोर्ट और उपलब्ध वीडियो साक्ष्य इस मामले की सच्चाई सामने लाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। मामले की जांच पूरी होने तक मौत के कारणों और फायरिंग की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी।