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Panipat Police: पानीपत पुलिस पर आरोप: 19 युवक पकड़े, 15 को लाखों की रिश्वत लेकर छोड़ा

Jun 06, 2026 11:34 AM

पानीपत। हरियाणा के पानीपत में खाकी एक बार फिर गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां जिला पुलिस की एंटी नारकोटिक सेल (ANC) पर वसूली, बर्बरता और पद के दुरुपयोग के ऐसे आरोप लगे हैं जिसने महकमे में हड़कंप मचा दिया है। सनौली रोड पर स्थित एक होटल में छापेमारी के दौरान पकड़े गए सोनू कोहली नाम के युवक ने पुलिसिया कार्रवाई की जो इनसाइड स्टोरी बताई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। सोनू का सीधा आरोप है कि पुलिस ने रिकॉर्ड में भले ही 4 गिरफ्तारियां दिखाई हों, लेकिन मौके से असल में 19 लड़कों को उठाया गया था। इनमें से 15 लड़कों को लाखों रुपए का 'लेन-देन' कर रात के अंधेरे में ही छोड़ दिया गया।

समालखा ऑफिस के पिछले गेट से एंट्री, मुखबिर को दिखाया पिटाई का लाइव वीडियो

मुख्य शिकायतकर्ता सोनू कोहली ने बताया कि यह पूरी घटना 31 मई की रात की है। होटल से हिरासत में लेने के बाद एएनसी की टीम सभी 19 युवकों को समालखा अनाज मंडी स्थित अपने दफ्तर ले गई थी। बदनामी और पोल खुलने के डर से टीम ने मुख्य गेट के बजाय पिछले रास्ते से सबको अंदर दाखिल कराया। सोनू का आरोप है कि वहां तैनात कॉन्स्टेबल सुनील ने इसके बाद मामले की मुखबिरी करने वाले शख्स को वॉट्सऐप पर वीडियो कॉल मिलाई। इसके बाद करीब आधे घंटे तक कॉल चालू रही और पुलिसकर्मी आरोपियों को नग्न कर बेरहमी से पीटते रहे, ताकि वीडियो कॉल पर मुखबिर को इस टॉर्चर का लाइव सबूत दिया जा सके।

36 हजार की बरामदगी दिखाई, डीवीआर भी उठा ले गई पुलिस टीम

सोनू, राकेश, नवजीश और जोगराज को छोड़कर बाकी 15 रसूखदार या मोटी रकम देने वाले युवक रात करीब 2 बजे ही पुलिस की कैद से आजाद हो गए। अगली सुबह चारों युवकों के खिलाफ चांदनी बाग थाने में जुआ अधिनियम के तहत केस दर्ज करा दिया गया। पुलिस ने सरकारी कागजों में महज 36,600 रुपए की बरामदगी दिखाई, जबकि पीड़ित का दावा है कि मौके से करीब डेढ़ लाख रुपए कैश मिले थे। इस खेल का पर्दाफाश न हो, इसलिए पुलिस टीम ने कानूनी प्रक्रिया को ताक पर रखकर होटल में लगी सीसीटीवी कैमरे की डीवीआर (DVR) को भी अपने कब्जे में ले लिया ताकि कोई पुख्ता सबूत बाहर न आ सके।

अब समझौते का दबाव, एसपी ने कॉन्स्टेबल को किया लाइनहाजिर

सोनू ने इस पूरी बर्बरता की लिखित शिकायत डीजीपी और स्थानीय पुलिस के आला अधिकारियों को भेजी है। पीड़ित का कहना है कि जब से मामला अफसरों की दहलीज पर पहुंचा है, तब से उन पर शिकायत वापस लेने और केस रफा-दफा करने का भारी दबाव बनाया जा रहा है। कथित तौर पर ली गई रिश्वत की रकम वापस करने का लालच भी दिया जा रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पानीपत के एसपी भूपेंद्र सिंह ने त्वरित एक्शन लिया है। आरोपी कॉन्स्टेबल सुनील को तत्काल प्रभाव से लाइनहाजिर कर दिया गया है। जिला सिक्योरिटी इंचार्ज राकेश के मुताबिक, एसपी के निर्देश पर कंप्लेंट ब्रांच ने इस पूरे मामले की इंटरनल और विभागीय जांच शुरू कर दी है।

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