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सूर्य का मीन राशि में गोचर: आज रात से लग जाएगा खरमास, शुभ कार्यों से पहले घर ले आएं ये 4 चीजें

Mar 14, 2026 4:21 PM

ज्योतिष। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य के राशि परिवर्तन का बड़ा महत्व है और जब सूर्य देव, गुरु बृहस्पति की राशि मीन में प्रवेश करते हैं, तो इसे 'मीन संक्रांति' कहा जाता है। आज यानी 14 मार्च की देर रात 12 बजकर 41 मिनट पर सूर्य कुंभ राशि से निकलकर मीन में गोचर करेंगे। इसी के साथ साल 2026 के पहले खरमास का आगाज हो जाएगा। अगले 30 दिनों तक, यानी 14 अप्रैल तक सौर ऊर्जा के कमजोर पड़ने के कारण सनातन धर्म में मांगलिक कार्यों की मनाही रहेगी। हालांकि, खरमास लगने से ठीक पहले आज का दिन खरीदारी और निवेश के लिहाज से बेहद खास संयोग बना रहा है।

चांदी का सिक्का और मनी प्लांट खोलेंगे तरक्की के द्वार

मान्यता है कि खरमास शुरू होने से पहले धातु खरीदना शुभ होता है। आज के दिन चांदी का सिक्का घर लाना मां लक्ष्मी के आगमन का संकेत माना जाता है। ज्योतिषियों की सलाह है कि आज 5 या 11 चांदी के सिक्के खरीदकर उन्हें लाल कपड़े में लपेटें और अपनी तिजोरी या पूजा स्थल पर रख दें। इसके अलावा, अगर आप घर में हरियाली और सकारात्मकता चाहते हैं, तो आज मनी प्लांट का पौधा लगाना भी उत्तम रहेगा। यह न केवल वास्तु दोष दूर करता है, बल्कि आर्थिक तंगी से भी निजात दिलाने में सहायक माना जाता है।

मोर पंख और कछुआ: नकारात्मकता को करेंगे दूर

घर के मुख्य द्वार पर मोर पंख लगाना सुख-समृद्धि का प्रतीक है। आज खरमास लगने से पहले तीन या पांच मोर पंख लाकर घर की चौखट पर सजाने से घर के भीतर नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश नहीं कर पाती। वहीं, वास्तु शास्त्र में कछुए को स्थिरता और लंबी आयु का प्रतीक माना गया है। आज पीतल या तांबे का छोटा कछुआ लाकर उसे घर की उत्तर-पूर्व दिशा में पानी से भरे पात्र में रखना चाहिए। माना जाता है कि इससे घर में लक्ष्मी का वास स्थायी हो जाता है और परिवार के सदस्यों की सेहत में सुधार होता है।

15 मार्च से 14 अप्रैल तक थमेगी शहनाइयों की गूंज

कल 15 मार्च से सूर्य पूरी तरह मीन राशि के प्रभाव में होंगे, जिसके चलते खरमास प्रभावी हो जाएगा। इस एक महीने की अवधि में नया व्यापार शुरू करना, भूमि पूजन, मुंडन संस्कार या विवाह जैसे संस्कार वर्जित रहेंगे। ग्रहों की यह विशेष स्थिति सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगी, लेकिन मीन संक्रांति के इस दान-पुण्य के काल में आध्यात्मिक कार्यों का महत्व बढ़ जाता है। 14 अप्रैल को जब सूर्य मेष राशि में प्रवेश करेंगे, तब जाकर दोबारा शुभ मुहूर्तों की शुरुआत होगी।

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