सूर्य का मीन में गोचर: कल से लगेगा 'ब्रेक', पर इन 4 राशियों की खुलेगी किस्मत
Mar 13, 2026 4:42 PM
ज्योतिष। ज्योतिष शास्त्र में सूर्य का राशि परिवर्तन एक अत्यंत महत्वपूर्ण घटना मानी जाती है। कल यानी 14 मार्च की आधी रात को सूर्य देव अपनी चाल बदलते हुए मीन राशि में गोचर करेंगे। सूर्य को सिंह राशि का स्वामी और ऊर्जा का मुख्य स्रोत माना जाता है। जैसे ही सूर्य मीन राशि में कदम रखेंगे, वैसे ही 'मीन संक्रांति' मनाई जाएगी और इसी के साथ 'खरमास' या 'मलमास' का आगाज हो जाएगा। 14 अप्रैल की सुबह 9:30 बजे तक की इस अवधि में हिंदू धर्म में किसी भी तरह के शुभ या मांगलिक कार्य जैसे मुंडन, गृह प्रवेश या विवाह वर्जित रहेंगे। हालांकि, मीन राशि में सूर्य, शनि और शुक्र की मौजूदगी कुछ चुनिंदा राशियों के लिए सुनहरे दिन लेकर आ रही है।
इन चार राशियों के लिए 'मौज' का समय
सूर्य का यह गोचर वैसे तो सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा, लेकिन मेष, कर्क, वृश्चिक और मकर राशि के जातकों को 14 अप्रैल तक विशेष लाभ मिलने के योग हैं।
वृश्चिक राशि: इस राशि के लोगों के लिए बिजनेस और स्टॉक मार्केट में मुनाफे के प्रबल योग बन रहे हैं। प्रॉपर्टी के लेन-देन से लाभ होगा और पारिवारिक फैसलों में आपकी भूमिका अहम रहेगी।
मकर राशि: आर्थिक मोर्चे पर आपकी स्थिति काफी सुदृढ़ होगी। लव लाइफ और करियर में अधिकारियों का भरपूर सहयोग मिलेगा, जिससे आपके रुके हुए काम गति पकड़ेंगे।
कर्क राशि: भाग्य आपका साथ देगा। पिता के साथ रिश्तों में मधुरता आएगी और धन-वैभव में बढ़ोतरी होगी। व्यापारिक दृष्टिकोण से यह समय आपके पक्ष में रहने वाला है।
मेष राशि: आपके आत्मविश्वास में गजब की वृद्धि होगी। पर्सनल और प्रोफेशनल लाइफ के बीच संतुलन बैठाकर आप तरक्की के नए रास्ते खोलेंगे। अनुशासित रहकर काम करने से दोहरी सफलता मिलने के संकेत हैं।
मीन संक्रांति और खरमास का महत्व
जब सूर्य देव गुरु बृहस्पति की राशि (धनु या मीन) में प्रवेश करते हैं, तो उनकी चमक और प्रभाव में थोड़ी शिथिलता आती है, जिसे 'खरमास' कहा जाता है। 14 मार्च से 14 अप्रैल के बीच सूर्य और शनि की युति भी देखने को मिलेगी। चूंकि सूर्य और शनि के बीच पिता-पुत्र का संबंध होने के बावजूद शत्रुता का भाव रहता है, इसलिए इस दौरान बड़े फैसलों में सावधानी बरतने की जरूरत होती है। हालांकि, धार्मिक दृष्टि से यह समय दान-पुण्य और भगवान विष्णु की आराधना के लिए सर्वश्रेष्ठ माना गया है।
दान और स्नान से मिटेंगे कष्ट
मीन संक्रांति के दिन सूर्य देव की विशेष पूजा-अर्चना का विधान है। ज्योतिषियों का मानना है कि इस दौरान पवित्र नदियों में स्नान और सामर्थ्य के अनुसार दान करने से कुंडली के दोष शांत होते हैं। मकर, धनु और मीन संक्रांति को आध्यात्मिक रूप से काफी फलदायी माना गया है। इस पूरे महीने सूर्य नारायण को जल अर्पित करना और आदित्य हृदय स्तोत्र का पाठ करना जातकों के लिए कल्याणकारी सिद्ध होगा।