बहादुरगढ़ में दहशत: मेडिकल स्टोर संचालक पर सरेआम हमला, स्कॉर्पियो सवार बदमाशों की तलाश जारी
May 10, 2026 12:41 PM
बहादुरगढ़। बहादुरगढ़ के लाइनपार इलाके में अपराधियों के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि अब उन्हें न तो पुलिस का खौफ है और न ही कानून का डर। ताजा मामला विकास नगर चौक का है, जहां हथियारबंद बदमाशों ने एक मेडिकल स्टोर संचालक को अपना निशाना बनाया। चश्मदीदों की मानें तो हमलावर पूरी तैयारी के साथ स्कॉर्पियो और नेक्सन गाड़ियों में भरकर आए थे। उन्होंने आते ही स्टोर संचालक को घेर लिया और उस पर लाठी-डंडों व हथियारों से हमला बोल दिया। इस अचानक हुए हमले से बाजार में अफरा-तफरी मच गई और जब तक लोग कुछ समझ पाते, बदमाश पीड़ित को लहूलुहान कर रफूचक्कर हो गए।
पीड़ित की सूझबूझ और सीसीटीवी का सहारा
हमले में गंभीर रूप से घायल हुए संचालक ने अस्पताल पहुंचने से पहले बड़ी हिम्मत दिखाई और भागते हुए बदमाशों की नेक्सन गाड़ी का नंबर नोट कर लिया। यही नंबर अब पुलिस के लिए सबसे बड़ा सुराग साबित हो रहा है। उधर, दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में यह पूरी वारदात कैद हो गई है, जिसमें बदमाश बेखौफ होकर मारपीट करते नजर आ रहे हैं। पीड़ित ने लाइनपार थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर अपनी जान का खतरा बताया है और आरोपियों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी की गुहार लगाई है।
पुलिस की तफ्तीश और स्थानीय लोगों का गुस्सा
लाइनपार थाना पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी का कहना है कि गाड़ी नंबर और सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। हालांकि, पुलिस के आश्वासनों से स्थानीय लोग और व्यापारी संतुष्ट नहीं हैं। विकास नगर चौक के व्यापारियों का कहना है कि शहर में गुंडागर्दी का ग्राफ लगातार बढ़ रहा है। सरेआम हुई इस वारदात ने पुलिस की गश्त और सुरक्षा दावों की पोल खोलकर रख दी है।
असुरक्षा के साये में व्यापारी
घटना के बाद से ही इलाके के दुकानदारों में भारी नाराजगी और डर का माहौल है। व्यापारियों का आरोप है कि लाइनपार जैसे व्यस्त इलाकों में भी अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीक आवर्स के दौरान पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाए और ऐसे असामाजिक तत्वों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में कोई दूसरा दुकानदार इस तरह की बर्बरता का शिकार न हो।