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झज्जर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई, गाजियाबाद में भ्रूण लिंग जांच गिरोह का भंडाफोड़

Mar 11, 2026 2:29 PM

झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले के स्वास्थ्य विभाग ने अवैध भ्रूण लिंग जांच के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पीसी-पीएनडीटी टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रताप नगर इलाके में एक नेटवर्क गर्भवती महिलाओं को पैसों के लालच में अवैध लिंग जांच की सुविधा दे रहा है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए झज्जर स्वास्थ्य विभाग ने विशेष टीम बनाई। योजना के तहत एक गर्भवती महिला और उसके पति को ग्राहक बनाकर पूरे नेटवर्क तक पहुंचने की रणनीति तैयार की गई और उसी आधार पर कार्रवाई की गई।

गुप्त सूचना के बाद बनाई गई विशेष टीम

स्वास्थ्य विभाग को कुछ दिन पहले जानकारी मिली थी कि गाजियाबाद के प्रताप नगर इलाके में एक व्यक्ति गर्भवती महिलाओं की अवैध भ्रूण लिंग जांच करवाने का काम कर रहा है। जांच में सामने आया कि झज्जर और आसपास के इलाकों से महिलाओं को इस नेटवर्क के जरिए गाजियाबाद ले जाया जाता था।

इसके बाद जिला स्तर पर पीसी-पीएनडीटी से जुड़े अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों की टीम बनाई गई। टीम ने पूरे नेटवर्क तक पहुंचने के लिए स्टिंग जैसी रणनीति तैयार की।

गर्भवती महिला को ग्राहक बनाकर रचा गया जाल

योजना के अनुसार टीम 10 मार्च को गाजियाबाद के प्रताप नगर इलाके में पहुंची। यहां महिला के पति ने संदिग्ध एजेंट से संपर्क किया और करीब 35 हजार रुपये में भ्रूण लिंग जांच कराने की बात तय हुई।

इसके बाद एजेंट महिला को एक निजी मकान में लेकर गया, जहां जांच की तैयारी की गई। टीम पहले से ही पूरे इलाके पर नजर बनाए हुए थी।

पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन से की गई जांच

कुछ समय बाद दो अन्य व्यक्ति पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन लेकर वहां पहुंचे। आरोप है कि इसी मशीन के जरिए गर्भवती महिला की जांच की गई।

जांच के बाद एजेंट ने फोन पर महिला के पति को बताया कि गर्भ में लड़का है। इसी दौरान पहले से निगरानी कर रही टीम ने मौके पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ लिया।

मशीन और नकदी बरामद, एजेंट फरार

कार्रवाई के दौरान टीम ने मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन और नकदी बरामद की। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि पूरे नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

हालांकि इस गिरोह से जुड़ा एक एजेंट मौके से फरार हो गया। स्वास्थ्य विभाग और संबंधित एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हुई हैं।

अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की कार्रवाई से अवैध भ्रूण लिंग जांच के नेटवर्क पर रोक लगाने में मदद मिलेगी और पीसी-पीएनडीटी कानून के उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जा सकेगी।

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