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अफवाहों की 'आंच' पर उबला हरियाणा: गैस सिलेंडर के लिए सुबह-सुबह सड़कों पर दौड़े लोग, एजेंसियों पर भारी जाम

Mar 14, 2026 11:47 AM

झज्जर। हरियाणा के कई शहरों में शनिवार की सुबह किसी सामान्य दिन की तरह नहीं रही। रसोई गैस की कथित कमी की एक अनाम अफवाह ने देखते ही देखते पूरे प्रदेश में हड़कंप मचा दिया। टोहाना से लेकर बहादुरगढ़ और झज्जर तक, मंजर कुछ ऐसा था कि लोग अपने कामकाज छोड़ खाली सिलेंडर थामे एजेंसियों की ओर दौड़ते नजर आए। ठिठुरती सुबह में लोग लाइनों में लग गए और कई जगहों पर तो नंबर पहले लगाने को लेकर उपभोक्ताओं के बीच जमकर कहासुनी और बहस भी हुई।

बहादुरगढ़ में सुबह 7 बजे से ही 'कमांडो ड्रिल' जैसे हालात

सबसे गंभीर स्थिति बहादुरगढ़ में देखने को मिली। यहां की गैस एजेंसियों के बाहर सुबह 7 बजे ही नजारा किसी मेले जैसा था, लेकिन चेहरे पर उत्साह की जगह चिंता की लकीरें थीं। कतारों में केवल घर के पुरुष ही नहीं, बल्कि महिलाएं और स्कूल जाने की उम्र के बच्चे भी सिलेंडर पकड़े खड़े थे। स्थानीय लोगों का गुस्सा इस बात पर था कि ऑनलाइन बुकिंग और पेमेंट के बावजूद कई दिनों से होम डिलीवरी नहीं हो रही है। इसी 'देरी' को लोगों ने 'किल्लत' समझ लिया और अफवाह की आग में घी डालने का काम किया।

टोहाना में मची होड़, संचालकों ने दी सफाई

टोहाना में जैसे ही गैस एजेंसी के शटर खुलने की आवाज आई, पर्ची कटवाने के लिए होड़ मच गई। लोग एक-दूसरे को पीछे धकेलकर काउंटर तक पहुंचने की कोशिश करते दिखे। हालांकि, एजेंसी मालिक मोहित ने स्थिति को संभालते हुए साफ किया कि गोदामों में गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। उन्होंने कहा, "बाजार में सिलेंडर की कोई कमी नहीं है, लेकिन सोशल मीडिया और चर्चाओं में फैली अफवाहों ने लोगों को डरा दिया है। लोग जरूरत न होने पर भी दूसरा सिलेंडर भरवाने पहुंच रहे हैं, जिससे व्यवस्था बिगड़ रही है।"

प्रशासन की अपील: पैनिक न हों उपभोक्ता

गैस एजेंसियों का कहना है कि सप्लाई चेन पूरी तरह दुरुस्त है और अगले एक-दो दिनों में सभी पेंडिंग बुकिंग्स की डिलीवरी घर-घर पहुंचा दी जाएगी। जानकारों का मानना है कि पिछले कुछ दिनों में लॉजिस्टिक्स की मामूली देरी को लोगों ने किल्लत का नाम दे दिया। फिलहाल, प्रशासन और एजेंसी संचालकों ने संयुक्त रूप से अपील की है कि उपभोक्ता अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक खरीदारी से बचें, क्योंकि अनावश्यक भीड़ के कारण ही वास्तविक जरूरतमंदों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

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