Search

Bahadurgarh Fire: बहादुरगढ़ में सुबह-सुबह आग का तांडव, जूता फैक्ट्री के बाद कबाड़ में लगी भीषण आग

May 21, 2026 11:58 AM

बहादुरगढ़। हरियाणा के प्रवेश द्वार बहादुरगढ़ के मॉडर्न इंडस्ट्रियल एरिया (MIE) पार्ट-बी से गुरुवार की सुबह तबाही की दो तस्वीरें सामने आईं। पहली घटना तड़के करीब साढ़े तीन बजे की है, जब पूरा शहर सो रहा था। यहां स्थित 'अभय फुटवियर प्राइवेट लिमिटेड' नामक जूता फैक्ट्री से अचानक धुएं का गुबार उठने लगा। दिल्ली के रहने वाले कारोबारी अभय की इस फैक्ट्री में रबर और प्लास्टिक के जूते-चप्पल बड़े पैमाने पर तैयार किए जाते हैं। ज्वलनशील पदार्थ होने के कारण देखते ही देखते आग ने पूरी तीन मंजिला इमारत को अपनी आगोश में ले लिया। सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और राहत कार्य शुरू किया।

फैक्ट्री की आग बुझी नहीं थी कि कबाड़ के ढेर ने पकड़ा जोर

दमकलकर्मी अभी फुटवियर फैक्ट्री के मलबे को ठंडा कर ही रहे थे कि सुबह करीब साढ़े सात बजे ठीक इसी इलाके के रेड क्रॉस रोड से चीख-पुकार की आवाजें आने लगीं। यहां खुले में डंप किए गए प्लास्टिक और लोहे के भारी-भरकम कबाड़ के ढेर में अज्ञात कारणों से आग भड़क उठी। तेज पछुआ हवाओं ने आग में घी का काम किया और लपटों ने विकराल रूप धारण कर लिया। कबाड़ के बिल्कुल नजदीक ही ट्रांसपोर्टर्स की तीन गाड़ियां खड़ी थीं, जिनमें दो महिंद्रा पिकअप और एक बड़ा कैंटर शामिल था। हवा के झोंकों के साथ आग पटरियों से होती हुई वाहनों तक पहुंची और तीनों गाड़ियां जिंदा जल गईं।

आसमान में छाया काला धुआं, हांफता रहा दमकल विभाग

स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि कबाड़ और गाड़ियों के टायर जलने के कारण धमाके हो रहे थे, जिससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में दहशत फैल गई। आसमान में कई किलोमीटर दूर तक काले धुएं की मोटी परत साफ देखी जा सकती थी, जिससे आसपास के लोगों को सांस लेने में भी तकलीफ होने लगी। दमकल विभाग की गाड़ियों ने दूसरी साइट पर मोर्चा संभाला और करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद सुबह साढ़े आठ बजे तक कबाड़ की आग पर पूरी तरह काबू पाया गया, लेकिन तब तक तीनों गाड़ियां कंकाल में तब्दील हो चुकी थीं।

भीषण गर्मी और प्लास्टिक कचरा बन रहा उद्योगों के लिए काल

बहादुरगढ़ और आसपास के इलाकों में पड़ रही रिकॉर्डतोड़ गर्मी के बीच आगजनी के मामलों में बेतहाशा बढ़ोतरी दर्ज की गई है। फैक्ट्रियों में ओवरलोडिंग के कारण होने वाले शॉर्ट सर्किट और कबाड़ के अवैध डंपिंग ग्राउंड इस सीजन में सबसे बड़ा खतरा साबित हो रहे हैं। प्लास्टिक, केमिकल और रबर जैसी चीजों में आग लगने से न केवल करोड़ों रुपये की औद्योगिक संपत्ति खाक हो रही है, बल्कि इससे दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा में प्रदूषण का स्तर भी खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। लगातार आ रही कॉल्स की वजह से फायर ब्रिगेड की टीमें भी चौबीसों घंटे दौड़ने को मजबूर हैं।

You may also like:

Please Login to comment in the post!