Jhajjar Encounter Update: दुजाना में मारे गए इंद्रपाल का बड़ा खुलासा, सुनील सैनी की हत्या की रच कर आया था साजिश
Jun 16, 2026 1:24 PM
झज्जर। हरियाणा के झज्जर जिले के दुजाना गांव में रविवार को पुलिस और बदमाशों के बीच हुई खूनी मुठभेड़ के पीछे की असली साजिश अब बेपर्दा हो गई है। बहादुरगढ़ एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) की तफ्तीश में सामने आया है कि मारा गया शूटर इंद्रपाल, इलाके के रसूखदार विजय सैनी के बेटे सुनील सैनी की हत्या को अंजाम देने के इरादे से दुजाना पहुंचा था। एसटीएफ को इसकी भनक पहले ही लग चुकी थी, जिसके चलते गांव के बाहर बकायदा जाल बिछाया गया था। जैसे ही इंद्रपाल का पुलिस टीम से सामना हुआ, उसने सरेंडर करने के बजाय सीधे खाकी पर ही तान दी।
पीएसआई की बुलेटप्रूफ जैकेट पर लगी गोली, जमीन पर गिरने के बाद भी इंस्पेक्टर को मार दी
मुठभेड़ की कड़ियां जोड़ते हुए एसटीएफ के पीएसआई दीपक ने बताया कि जब पुलिस ने इंद्रपाल को चारों तरफ से घेरकर हथियार डालने को कहा, तो उसका रवैया बेहद आक्रामक था। उसने पुलिसवालों को ही धमकी भरे लहजे में ललकारते हुए कहा, "दो मर्डर पहले ही कर चुका हूं, दो-चार और कर दूंगा तो मेरा क्या बिगड़ जाएगा, पीछे हट जाओ।" इसके तुरंत बाद उसने ट्रिगर दबा दिया।
इंद्रपाल की पहली गोली पीएसआई सचिन की बुलेटप्रूफ जैकेट पर जा लगी, जिससे उनकी जान बाल-बाल बची। जवाबी कार्रवाई और आत्मरक्षा में एसटीएफ इंचार्ज ने तीन राउंड फायर किए, जिससे गोलियां लगते ही इंद्रपाल लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। हद तो तब हो गई जब पुलिस टीम उसे पकड़ने आगे बढ़ी, तो उसने जमीन पर पड़े-पड़े ही इंस्पेक्टर राकेश पर भी गोली चला दी, जो उनकी बाजू को चीरती हुई निकल गई।
वीडियोग्राफी के बीच हुआ पोस्टमार्टम, शरीर में धंसी मिली एक गोली
सोमवार को इस पूरे एनकाउंटर के बाद की कानूनी प्रक्रिया को पूरी पारदर्शिता के साथ आगे बढ़ाया गया। नागरिक अस्पताल में मजिस्ट्रेट की सीधी निगरानी में डॉक्टरों के एक विशेष मेडिकल बोर्ड ने शव का पोस्टमार्टम किया। मानवाधिकार आयोग के नियमों के तहत इस पूरी कार्यवाही की बाकायदा वीडियोग्राफी कराई गई। डॉक्टरों ने पोस्टमार्टम से पहले शव का एक्स-रे कराया, जिसमें इंद्रपाल को तीन गोलियां लगने की बात साफ हुई। इनमें से दो गोलियां उसके शरीर को पार कर गई थीं, जबकि एक गोली अंदर ही धंसी मिली, जिसे डॉक्टरों ने बाहर निकाल लिया है।
अस्पताल पहुंचे घरवालों की दोटूक: "जिनको इसने मारा, उनके भी बच्चे थे; जैसा किया वैसा भुगता"
आमतौर पर एनकाउंटर के बाद परिजनों की तरफ से पुलिस पर जो सवाल उठाए जाते हैं, इस मामले में उसकी बिल्कुल उलट तस्वीर देखने को मिली। नागरिक अस्पताल पहुंचे इंद्रपाल के परिजनों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर कोई आपत्ति दर्ज नहीं कराई। पुलिस अधिकारियों के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने बेहद सधे और भावुक शब्दों में कहा कि इंद्रपाल ने अतीत में जिन लोगों की बेरहमी से जान ली थी, उनके भी भरे-पूरे परिवार और मासूम बच्चे थे।
परिजनों ने दोटूक कहा, "उसने दुनिया के साथ जैसा गुनाह किया, आज उसके कर्मों का फल उसके सामने आ गया। जैसा किया, वैसा ही भुगता।" देर शाम पुलिस ने कागजी खानापूर्ति के बाद शव परिजनों को सौंप दिया, जिसके बाद गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। दुजाना थाना के जांच अधिकारी युद्धवीर सिंह ने बताया कि फिलहाल पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में सभी साक्ष्य सुरक्षित कर लिए हैं।