जींद में बोर्ड परीक्षा के दौरान हाई-टेक नकल: स्मार्ट वॉच और फ्लूड के साथ पकड़े गए छात्र
Mar 17, 2026 12:31 PM
जींद। हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) की 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में प्रशासन की तमाम सख्ती के बावजूद नकलची बाज नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला जींद के एसडी स्कूल का है, जहाँ मंगलवार को 10वीं ओपन के सामाजिक अध्ययन (SST) के पेपर के दौरान हड़कंप मच गया। खुद बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार जब औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे, तो वहां परीक्षा केंद्र के भीतर चल रहे 'नकल के खेल' को देखकर दंग रह गए। बाहरी हस्तक्षेप रोकने में सफल रही पुलिस और प्रशासन के लिए अब कमरों के भीतर हो रही यह 'साइलेंट नकल' एक नई चुनौती बन गई है।
स्मार्ट वॉच से लेकर क्यूआर कोड मिटाने तक की साजिश
छापेमारी के दौरान फ्लाइंग टीम ने तीन छात्रों को संदिग्ध पाया, जिनकी तलाशी लेने पर चौंकाने वाली चीजें बरामद हुईं। एक छात्र अपनी कलाई पर 'स्मार्ट वॉच' बांधकर धड़ल्ले से उत्तर देख रहा था, जबकि दूसरे छात्र के प्रश्न पत्र पर वैकल्पिक प्रश्नों के उत्तर पहले से ही टिक किए हुए थे। सबसे ज्यादा हैरान करने वाला मामला तीसरे छात्र का था, जिसने प्रश्न पत्र पर मौजूद क्यूआर कोड को व्हाइट फ्लूड लगाकर मिटा दिया था। माना जा रहा है कि यह कोड इसलिए मिटाया गया ताकि अगर पेपर की फोटो बाहर भेजी जाए, तो यह पता न चल सके कि पेपर किस केंद्र से लीक हुआ है।
सुपरवाइजर पर गिरी गाज, चेयरमैन बोले- 'पेपर आउट होने से बचा'
बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने इस मामले को सुरक्षा में बड़ी सेंध माना है। उन्होंने मौके पर ही ड्यूटी सुपरवाइजर सत्यवान को उनकी जिम्मेदारी में लापरवाही बरतने के कारण कार्यमुक्त (रिलीव) करने के आदेश जारी किए। चेयरमैन ने मीडिया से बातचीत में कहा कि यह राहत की बात रही कि इन छात्रों के जरिए पेपर बाहर लीक नहीं हो पाया, वरना पूरी परीक्षा रद्द करने की नौबत आ सकती थी। पकड़े गए तीनों छात्रों के खिलाफ केस (UMC) दर्ज कर लिया गया है और उनकी कॉपियां सील कर दी गई हैं।
नकल रोकने के दावों की खुली पोल
फरवरी के अंत से शुरू हुई इन परीक्षाओं को लेकर बोर्ड ने बड़े-बड़े दावे किए थे, लेकिन जींद की इस घटना ने साफ कर दिया है कि नकल रोकने के लिए लगाए गए क्यूआर कोड और अन्य सुरक्षा मापदंडों को छात्र चकमा देने की कोशिश कर रहे हैं। शिक्षा बोर्ड अब उन केंद्रों पर और पैनी नजर रख रहा है जहाँ ओपन स्कूल के परीक्षार्थी पेपर दे रहे हैं। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि किसी भी केंद्र पर ड्यूटी स्टाफ की मिलीभगत पाई गई, तो केवल विभागीय कार्रवाई ही नहीं बल्कि एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराई जाएगी।