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ढाबी टेक सिंह हत्याकांड में गढ़ी पुलिस की बड़ी स्ट्राइक, कैथल और टोहाना से 4 और कातिल गिरफ्तार

Jun 10, 2026 3:37 PM

जींद (दलेर सिंह) हरियाणा के जींद जिले के अंतर्गत आने वाले ढाबी टेक सिंह गांव में हुए जघन्य हत्याकांड की गुत्थी को सुलझाते हुए गढ़ी थाना पुलिस ने एक और बड़ी सफलता का दावा किया है। कानून व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने और अपराधियों पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधीक्षक (SP) कुलदीप सिंह के कड़े दिशा-निर्देशों के तहत काम कर रही स्पेशल टीम ने इस मामले में संलिप्त चार और आरोपियों को दबोच लिया है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के बाद अब तक इस सनसनीखेज मर्डर केस में कुल आठ लोग कानून के शिकंजे में आ चुके हैं, जिससे इलाके के अन्य अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है।

कैथल और टोहाना के रहने वाले हैं नए आरोपी

डीएसपी (नरवाना) कमलदीप राणा के नेतृत्व में गठित जांच दल ने सायबर सेल और फॉरेंसिक साक्ष्यों की मदद से आरोपियों के छिपने के ठिकानों का पता लगाया।

गढ़ी थाना प्रभारी उप निरीक्षक दिलबाग सिंह ने गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया:

"9 जून को पुख्ता सूचना के आधार पर की गई नाकाबंदी के दौरान बलिंदर और बिट्टू (दोनों निवासी टोहाना) सहित विनोद और सावन (दोनों निवासी गांव सोथा, जिला कैथल) को गिरफ्तार किया गया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि ये चारों आरोपी वारदात के समय न सिर्फ मौके पर मौजूद थे, बल्कि पीड़ित पर जानलेवा हमला करने में भी सीधे तौर पर शामिल थे।"

क्या था पूरा मामला? एक्सीडेंट के बहाने रची गई थी मौत की साजिश

इस खूनी खेल की शुरुआत तब हुई जब धमतान साहिब चौकी पुलिस को सूचना मिली कि ढाबी टेक सिंह गांव का रहने वाला विकास नामक युवक नागरिक अस्पताल नरवाना से गंभीर हालत में अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है।

मृतक के लाचार पिता सुदेश ने पुलिस को दिए अपने रोते हुए बयानों में पूरी आपबीती बयां की थी:

"मेरा बेटा विकास अपने दोस्त कमल के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर लौट रहा था। जैसे ही वे धमतान-भूलन रोड पर पहुंचे, घात लगाकर बैठे हमलावरों ने एक तेज रफ्तार कार से उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। एक्सीडेंट होते ही कार से उतरे युवकों और पीछे से मोटरसाइकिलों पर आए उनके अन्य साथियों ने विकास को घेर लिया और लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से उस पर टूट पड़े। कमल किसी तरह जान बचाकर भागा, लेकिन विकास को इतनी बेरहमी से पीटा गया कि अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।"

रिमांड के दौरान खुलेंगे रंजिश के राज

पुलिस ने पीड़ित पिता की शिकायत के आधार पर हत्या और दंगा भड़काने सहित विभिन्न संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया था। सबसे पहले पकड़े गए चार आरोपियों ने जब पुलिसिया पूछताछ में उगलना शुरू किया, तब जाकर इन चार नए चेहरों (बलिंदर, बिट्टू, विनोद और सावन) के नामों का खुलासा हुआ।

पुलिस ने सभी आठों आरोपियों को स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर ले लिया है। पुलिस कप्तानों का कहना है कि रिमांड के दौरान न केवल हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार और गाड़ियां बरामद की जाएंगी, बल्कि इस अमानवीय कृत्य के पीछे की असली वजह (पुरानी रंजिश या कोई तात्कालिक विवाद) का भी पर्दाफाश किया जाएगा। पुलिस का दावा है कि मामले में कुछ और सफेदपोशों या स्थानीय युवकों की भूमिका की भी जांच की जा रही है, और जल्द ही कोर्ट में एक अभेद्य चार्जशीट दाखिल कर दोषियों को फांसी के फंदे तक पहुंचाया जाएगा।

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