Digvijay Chautala Pehowa: पिहोवा में दिग्विजय चौटाला की हुंकार: NEET-JEE विवाद पर घेरी सरकार
Jun 06, 2026 5:57 PM
ज्योतिसर। हरियाणा की सियासत में ग्रामीण रूट पर पैठ बनाने की जंग तेज हो गई है। इसी सिलसिले में जननायक जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह चौटाला अपने 'जन-जन अभियान' के तहत कुरुक्षेत्र के पिहोवा हलके के ग्रामीण अंचलों में पहुंचे। ईशाक, बाखली, मांगना, खेड़ी शीशगरां और ठसका मीरांजी समेत करीब डेढ़ दर्जन गांवों में जनसभाओं को संबोधित करते हुए दिग्विजय के तेवर बेहद तल्ख नजर आए। उन्होंने सीधे तौर पर सत्तासीन भाजपा को जनभावनाओं से कटी हुई और अहंकार में डूबी सरकार बताया। जजपा नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि जब आम आदमी और किसान-कमरे का सब्र टूटता है, तो बड़े-बड़े सियासी सूरमाओं के लिए जनता के बीच जाकर नजरें मिलाना दूभर हो जाता है।
युवाओं के दर्द को बनाया हथियार; NEET और JEE का मुद्दा गरमाया
चुनावी चौसर और आगामी रणनीतियों के बीच दिग्विजय चौटाला ने सबसे बड़ा हमला युवाओं के रोजगार और करियर को लेकर बोला। देश में हाल ही में राष्ट्रीय स्तर की परीक्षाओं (NEET और JEE) को लेकर खड़े हुए विवादों और गड़बड़ियों का सीधा जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "आज का युवा डिग्रियों के बंडल लेकर सड़कों पर घूम रहा है और जो बची-कुची परीक्षाएं हैं, वे धांधली व लचर व्यवस्था की भेंट चढ़ रही हैं। नई शिक्षा नीति के नाम पर युवाओं के वास्तविक हितों की अनदेखी की जा रही है।" इसके साथ ही उन्होंने आसमान छूती रसोई गैस, पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर केंद्र की आर्थिक नीतियों को भी आड़े हाथों लिया।
सोशल मीडिया पर वायरल 'कॉकरोच जनता पार्टी' का सियासी सच
पत्रकारों और ग्रामीणों के बीच चर्चा के दौरान जब दिग्विजय से इंटरनेट मीडिया पर चर्चित 'कॉकरोच जनता पार्टी' को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बेहद दिलचस्प जवाब दिया। उन्होंने कहा, "यह कोई रजिस्टर्ड राजनीतिक दल नहीं है, बल्कि यह भाजपा की दमनकारी और वादे खिलाफी वाली नीतियों के खिलाफ तंग आ चुके युवाओं के गुस्से का एक डिजिटल प्रतीक है। युवा जब खुद को ठगा हुआ महसूस करता है, तो वह विरोध के ऐसे ही अनूठे रास्ते चुनता है। जमीन पर आ रहा यह बदलाव भविष्य की राजनीति की नई इबारत लिखेगा।"
कांग्रेस को भी लपेटा; कहा—विपक्ष अपनी जवाबदेही भूल चुका है
हमलों का रुख सिर्फ भाजपा तक सीमित नहीं रहा; दिग्विजय ने मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की कार्यप्रणाली को भी आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि सूबे की जनता ने कांग्रेस को विकल्प के तौर पर आजमाया और अपना पूरा समर्थन दिया, लेकिन वे लोगों की उम्मीदों की कसौटी पर खरे नहीं उतर सके। राजनीति में सिर्फ सत्ता सुख नहीं, बल्कि जनता के प्रति जवाबदेही और जुड़ाव सबसे अहम होता है, जिसमें कांग्रेस पूरी तरह विफल रही है।
इस सघन दौरे के दौरान दिग्विजय के साथ मंच पर जजपा के कई कद्दावर चेहरे नजर आए। इनमें पूर्व प्रत्याशी प्रो. रणधीर सिंह, डॉ. जसविंद्र सिंह खैहरा, कुलदीप जखवाला, गुरलाल वड़ैच, विशाल मुकीमपुरा, राजेश पायलट और सार्थ तिवारी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता व स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे, जिन्होंने आगामी दिनों में इस अभियान को हर घर तक ले जाने का संकल्प दोहराया।