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Kaithal News: कैथल में ड्रेन विवाद गहराया: ढांड का गंदा पानी कौल में डालने पर भड़के ग्रामीण

Jun 06, 2026 5:39 PM

ढांड (नरेश ढांडा): ग्रामीण अंचलों में जल निकासी और प्रशासनिक तालमेल की कमी किस कदर बड़े विवाद का रूप ले सकती है, इसकी बानगी ढांड और कौल गांव के सीमा पर देखने को मिल रही है। ढांड गांव के गंदे पानी के रुख को कौल गांव की मुख्य ड्रेन की तरफ मोड़ने के जनस्वास्थ्य विभाग के फैसले ने स्थानीय ग्रामीणों के सब्र का बांध तोड़ दिया है। शनिवार को लगातार दूसरे दिन भारी संख्या में कौल गांव के लोग परियोजना स्थल पर एकत्रित हुए और काम को पूरी तरह ठप कर दिया। ग्रामीणों का गुस्सा इस बात को लेकर ज्यादा है कि प्रशासन संवाद की आड़ में चुपके से काम को आगे बढ़ाने की फिराक में है।

अफसरों की दोहरी नीति से भड़का आक्रोश, पूर्व सरपंच ने दी शिकायत की चेतावनी

प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व सरपंच गुलाब सिंह ने विभागीय कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने बताया, "शुक्रवार को जब हमने काम का विरोध किया, तो पब्लिक हेल्थ विभाग के एसडीओ जगदीश कुमार ने मौके पर पहुंचकर हमें आश्वस्त किया था कि उच्चाधिकारियों और ग्रामीणों की साझा बैठक के बिना एक इंच भी पाइप आगे नहीं बढ़ेगा। लेकिन अफसरों की कथनी और करनी में कितना फर्क है, यह इसी से साफ हो गया कि कुछ ही घंटों बाद चुपचाप मौके पर पाइपों की खेप उतार दी गई।" ग्रामीणों ने इस रवैये को धोखा बताते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने और मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

पंचायत को रखा गया अंधेरे में, नहीं लिया गया विश्वास में

इस पूरे विवाद में प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करते हुए सरपंच प्रतिनिधि नरेश आढ़ती ने कहा कि यह सीधे तौर पर पंचायती राज व्यवस्था और स्थानीय लोगों की अनदेखी का मामला है। सरकार या विभाग की तरफ से ग्राम पंचायत को इस ड्रेनेज सिस्टम में बदलाव को लेकर कोई लिखित या मौखिक सूचना नहीं दी गई थी। इतने संवेदनशील मुद्दे पर, जिसका सीधा असर गांव के पर्यावरण और लोगों की सेहत पर पड़ना है, पंचायत को भरोसे में न लेना तानाशाही रवैये को दर्शाता है।

दुष्यंत चौटाला के निर्देश पर पहुंचे जेजेपी प्रवक्ता; कहा—'शिक्षा के केंद्र को नरक नहीं बनने देंगे'

कौल गांव में बढ़ते जन-आक्रोश को देखते हुए राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे जननायक जनता पार्टी (JJP) के प्रदेश प्रवक्ता नीरज गुनियाना ने ग्रामीणों से मुलाकात कर उनकी मांगों को जायज ठहराया। गुनियाना ने कहा, "पूर्व उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला के विशेष निर्देश पर मैं यहां कौल के निवासियों का पक्ष जानने आया हूँ। जेजेपी इस लड़ाई में पूरी तरह गांव के साथ है और अगर जरूरत पड़ी तो सड़क पर उतरकर बड़ा आंदोलन खड़ा किया जाएगा।"

उन्होंने तकनीकी और भौगोलिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि जिस ड्रेन में गंदा पानी डालने की योजना है, उसके आसपास कई नामी शैक्षणिक संस्थान और सार्वजनिक संपत्तियां हैं। यदि यहां ढांड का दूषित पानी जमा हुआ, तो पूरा इलाका बीमारियों का घर बन जाएगा।

थमा नहीं काम, तो बड़े आंदोलन की तैयारी

कौल गांव के इस प्रदर्शन को आसपास की अन्य पंचायतों और ग्रामीणों का भी नैतिक समर्थन मिलना शुरू हो गया है। ग्रामीणों ने दोटूक चेतावनी दी है कि जब तक विभाग अपने इस फैसले को वापस नहीं लेता और पाइपों को मौके से नहीं हटाया जाता, तब तक धरना स्थल से कोई पीछे नहीं हटेगा। स्थिति को भांपते हुए इलाके में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और ग्रामीणों का तेवर देखकर लगता है कि प्रशासन को इस मामले में बैकफुट पर आना ही होगा।

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