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2 करोड़ की फिरौती और पुलिस का डंडा: जुलाना में बदमाशों का निकला जुलूस, देखें कैसे पस्त हुए हौसले

Apr 09, 2026 5:32 PM

जींद। जींद के जुलाना में बदमाशों के बीच 'खाकी' का खौफ एक बार फिर साफ दिखाई दिया। ईंट भट्ठा संचालक को लॉरेंस बिश्नोई गैंग का डर दिखाकर दो करोड़ रुपये की फिरौती मांगने वाले छह गुर्गों को जब पुलिस ने जुलाना के भरे बाजार में पैदल घुमाया, तो हर कोई दंग रह गया। कभी फोन पर जान से मारने की धमकी देने वाले ये बदमाश पुलिस की गिरफ्त में नजरें नीची किए चलते दिखे। पुलिस की इस सख्त कार्रवाई से आम जनता में विश्वास बढ़ा है, जिसका नजारा तब देखने को मिला जब स्थानीय लोगों ने पुलिस के पक्ष में नारेबाजी शुरू कर दी।

व्हाट्सएप कॉल से दी थी पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी

मामले का खुलासा करते हुए एसपी कुलदीप सिंह ने बताया कि रोहतक के टिटौली गांव निवासी अनूप, जो जुलाना क्षेत्र में ईंट भट्ठा चलाते हैं, उन्हें 24 मार्च को एक अज्ञात व्हाट्सएप कॉल आई थी। फोन करने वाले ने खुद को लॉरेंस गैंग का सदस्य बताते हुए दो करोड़ रुपये की डिमांड की और रकम न देने पर उनके पूरे परिवार को गोलियों से भूनने की धमकी दी। इस शिकायत के बाद पुलिस हरकत में आई और मामले की जांच सीआईए (CIA) स्टाफ जींद को सौंपी गई।

साइबर सेल और सीआईए का साझा जाल

सीआईए स्टाफ ने तकनीकी सर्विलांस और साइबर शाखा की मदद से इन बदमाशों की लोकेशन ट्रेस की। जांच में पता चला कि आरोपी पहले से ही किसी अन्य मामले में सोनीपत जेल में बंद हैं। इसके बाद पुलिस ने अदालत से प्रोडक्शन वारंट हासिल किया और आयुष उर्फ मोटा, आकाश उर्फ काना, आदित्य भारद्वाज, यश खत्री, अंकित और आदित्य खत्री को गिरफ्तार किया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इन युवाओं ने मोबाइल और सिम कार्ड का इंतजाम कर गैंगस्टरों के नाम पर उगाही करने की एक संगठित योजना बनाई थी।

सफीदों की तर्ज पर 'चौराहा' वाली सजा की चर्चा

जुलाना में आरोपियों को पैदल घुमाने की इस कार्रवाई ने फरवरी 2026 के उस चर्चित मामले की यादें ताजा कर दीं, जब सफीदों पुलिस ने एक युवक पर फायरिंग करने और अमानवीय कृत्य करने वाले आरोपियों के सिर पर 'चौराहा' (विशेष तरीके से बाल काटना) बनवा दिया था। हालांकि तब अधिकारियों ने इसे तकनीकी रूप से नकारा था, लेकिन पुलिस का यह 'ऑन द स्पॉट' न्याय और अपराधियों को सार्वजनिक रूप से जनता के सामने लाना अपराधियों के हौसले पस्त करने में कारगर साबित हो रहा है।

फिलहाल, पुलिस इन आरोपियों को रिमांड पर लेकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन्होंने अब तक और कितने व्यापारियों को अपना निशाना बनाया है और इनके पास मोबाइल फोन व सिम कार्ड की उपलब्धता के पीछे कौन-कौन शामिल हैं।

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