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सीएम की घोषणा पर भारी पड़ी अधिकारियों की ढुलमुल नीति, शिक्षा सदन घेरेंगे हजारों कर्मचारी

May 04, 2026 12:57 PM

राजौंद (जग मार्ग)। हरियाणा के सरकारी स्कूलों की डिजिटल व्यवस्था का जिम्मा संभालने वाले कंप्यूटर लैब अटेंडेंट अब आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं। मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष तक नौकरी की सुरक्षा देने की घोषणा के बावजूद, जमीनी हकीकत से आहत कर्मचारियों ने अब सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारी संघ ने आगामी 6 मई को पंचकूला स्थित शिक्षा सदन का घेराव करने का बड़ा ऐलान किया है।

घोषणाएं बड़ी, हकीकत शून्य

रविवार को राजौंद में आयोजित संघ की अहम बैठक में कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा। जिला प्रधान रामनिवास मलिक ने सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखे सवाल उठाते हुए कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से कच्चे कर्मचारियों के लिए की गई घोषणाएं केवल फाइलों और अखबारों की सुर्खियों तक सीमित रह गई हैं। हकीकत यह है कि आज भी हजारों कर्मचारी अपनी नौकरी को लेकर असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।

पोर्टल बना जी का जंजाल

बैठक में कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि सरकार ने उन्हें भरोसे में लेकर एक विशेष पोर्टल शुरू किया था, जिस पर हजारों लैब अटेंडेंट ने उम्मीद के साथ आवेदन किए। लेकिन शिक्षा विभाग के अधिकारियों की उदासीनता और ढुलमुल नीति के कारण आज कर्मचारियों के हाथ केवल निराशा लगी है। जिला उपप्रधान दीपक शर्मा ने कहा कि पोर्टल पर आवेदन की अंतिम तिथि का तीन बार बढ़ना यह साबित करता है कि विभाग के पास कोई ठोस योजना नहीं है, जिसका खामियाजा कर्मचारियों को भुगतना पड़ रहा है।

'ऑनलाइन काम हमारा, अधिकार दूसरों का'

जिला सचिव रिंकू ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि स्कूलों के लगभग सभी ऑनलाइन कार्य और तकनीकी प्रबंधन लैब अटेंडेंट के कंधों पर होता है, लेकिन जब अधिकारों और सुविधाओं की बात आती है, तो विभाग 'सौतेला व्यवहार' शुरू कर देता है। उन्होंने कहा कि अटेंडेंट्स की जायज मांगों को लगातार अनसुना किया जा रहा है, जिसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

6 मई को पंचकूला कूच की तैयारी

प्रदेश कार्यकारिणी के अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह प्योंत के नेतृत्व में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पास किया गया कि 6 मई को प्रदेशभर के कंप्यूटर लैब अटेंडेंट पंचकूला पहुंचेंगे और शिक्षा सदन का घेराव करेंगे। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस प्रदर्शन के बाद भी सरकार की नींद नहीं खुली, तो अगला पड़ाव मुख्यमंत्री आवास होगा। इस अवसर पर संजीव राणा सहित जिले के कई प्रमुख पदाधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने एकजुट होकर इस आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया। अब देखना यह होगा कि कर्मचारियों के इस अल्टीमेटम पर शिक्षा विभाग और सरकार क्या रुख अपनाती है।


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