सरकार के दावों की खुली पोल! ढांड में गेहूं का पैसा न मिलने से भड़के किसान, हैफेड दफ्तर पर प्रदर्शन
May 05, 2026 10:34 AM
ढांड। हरियाणा सरकार भले ही गेहूं खरीद के 72 घंटों के भीतर भुगतान के बड़े-बड़े दावे कर रही हो, लेकिन धरातल पर हकीकत इससे कोसों दूर है। सोमवार को ढांड की अनाज मंडी में किसानों और आढ़तियों के सब्र का बांध टूट गया। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के प्रदेश महासचिव भूरा राम पबनावा और युवा प्रदेशाध्यक्ष राजीव आर्य के नेतृत्व में दर्जनों किसानों ने हैफेड कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की।
"23 दिन बीते, पर खाता खाली"
प्रदर्शनकारी किसानों का सीधा आरोप है कि खरीद एजेंसी जानबूझकर भुगतान में देरी कर रही है। भाकियू नेता भूरा राम पबनावा ने कड़े शब्दों में कहा कि गेहूं बेचे हुए 23 दिन से ज्यादा का समय बीत चुका है, लेकिन किसानों की जेब अब भी खाली है। पूर्व मंडी प्रधान नरेश सहारण ने कहा, "एक तरफ किसान अगली फसल की तैयारी और घरेलू जरूरतों के लिए पैसे का इंतजार कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ सरकारी तंत्र तकनीकी खामियों का बहाना बनाकर जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ रहा है।"
मैनेजर के जवाब से भड़के किसान
विरोध के दौरान जब किसान नेताओं और आढ़तियों ने हैफेड मैनेजर नवीन से जवाब मांगा, तो स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। मैनेजर ने देरी की जिम्मेदारी उच्च अधिकारियों पर डालते हुए कहा कि उनकी ओर से फाइलें आगे बढ़ाई जा चुकी हैं। इस गोलमोल जवाब से नाराज किसानों ने मौके पर ही कार्यालय को ताला जड़ने की तैयारी कर ली। हालांकि, काफी गहमागहमी के बाद मैनेजर ने मंगलवार तक भुगतान करवाने का भरोसा दिया, जिसके बाद किसानों ने बुधवार तक का 'अल्टीमेटम' देते हुए धरना स्थगित किया।
अदाणी साइलो और एफसीआई पोर्टल की 'जुगलबंदी' ने फंसाया पेंच
भुगतान में हो रही इस देरी के पीछे की तकनीकी वजह भी काफी पेचीदा है। हैफेड मैनेजर नवीन के अनुसार, समस्या अदाणी साइलो में गेहूं उतारने की प्रक्रिया से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि साइलो में गेहूं सीधा ट्रॉलियों से खाली कराया गया, लेकिन जब एफसीआई के पोर्टल पर भुगतान के लिए एंट्री की जाती है, तो सिस्टम बार-बार 'बैग' का विकल्प मांगता है। इसी तकनीकी विरोधाभास के कारण पोर्टल डेटा स्वीकार नहीं कर रहा है।
वहीं, हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन पूंडरी के मैनेजर राजेश ग्रेवाल ने कुछ राहत भरी खबर दी है। उन्होंने स्वीकार किया कि अदाणी साइलो में 'बल्क' और 'बैग' सिस्टम की तकनीकी अड़चन के कारण देरी हुई थी, लेकिन अब इसे सुलझा लिया गया है। ग्रेवाल ने बताया कि शनिवार को 111 करोड़ रुपये के भुगतान की फाइल क्लियर कर दी गई है और अगले 24 से 48 घंटों में यह राशि सीधे किसानों के खातों में पहुंचनी शुरू हो जाएगी। अब देखना यह होगा कि प्रशासन का यह आश्वासन बुधवार की समयसीमा से पहले हकीकत बनता है या ढांड की मंडी में एक बार फिर आंदोलन की चिंगारी भड़केगी।