कैथल में दर्दनाक हादसा: जीजा ने टीटी की फर्जी नौकरी के नाम पर ठगे 3.5 लाख, साले ने की खुदकुशी
Jun 13, 2026 11:49 AM
कैथल। हरियाणा के कैथल जिले के अंतर्गत आने वाले गांव खेड़ी शेरखां में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां रेलवे में सरकारी नौकरी लगवाने के नाम पर हुई धोखाधड़ी और उससे उपजी सामाजिक बदनामी के कारण 24 साल के एक युवक अमन ने सल्फास खाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। इस आत्मघाती कदम के पीछे किसी बाहरी ठग का हाथ नहीं, बल्कि खुद युवक के सगे जीजा की गद्दारी सामने आई है। घटना के बाद से ही पीड़ित परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और मृतक के पिता की शिकायत पर राजौंद थाना पुलिस ने तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ आत्महत्या के लिए मजबूर करने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
टीटी की नौकरी का झांसा देकर बीकानेर में कराई साफ-सफाई
खेड़ी शेरखां निवासी शमशेर ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह खुद मजदूरी करके किसी तरह अपने दो बेटों और दो बेटियों का पेट पालते हैं। उनकी एक बेटी ज्योति की शादी जींद जिले के डुमरखां खुर्द गांव निवासी दीपक के साथ हुई है। करीब 6 महीने पहले दीपक ने अपने साले अमन को झांसा दिया कि उसकी रेलवे में ऊंची पहुंच है और वह उसे टीटी (ट्रेन टिकट परीक्षक) के सरकारी पद पर भर्ती करवा देगा, जिसके बदले कुछ रुपयों का इंतजाम करना होगा। जीजा की बात पर भरोसा करके अमन ने परिवार से बात की और शमशेर ने पेट काटकर ₹3.5 लाख की रकम जोड़कर दीपक के हवाले कर दी। इसके बाद दीपक अमन को अपने साथ राजस्थान के बीकानेर ले गया, लेकिन वहां उसे टीटी बनाने के बजाय ट्रेनों में चद्दर बदलने और साफ-सफाई के ठेका प्रथा वाले काम पर लगा दिया।
शादी के तुरंत बाद खुला झूठ का पिटारा, टूट गया घर
आरोपी दीपक लगातार अमन को गुमराह करता रहा कि यह सिर्फ शुरुआती ट्रेनिंग का हिस्सा है और एक-दो महीने के भीतर ही उसे टीटी की मुख्य पोस्ट मिल जाएगी। इस बीच, इसी साल अप्रैल 2026 में परिवार ने अमन की शादी बड़ी धूमधाम से कर दी। शादी संपन्न होते ही आरोपी जीजा दीपक ने जानबूझकर रिश्तेदारों और अमन के ससुराल पक्ष के सामने यह बात लीक कर दी कि अमन कोई सरकारी टीटी नहीं है, बल्कि वह तो रेलवे में महज ठेके पर सफाई का काम करता है। इस झूठ के उजागर होते ही अमन की नवविवाहित पत्नी और उसके बीच आए दिन गंभीर क्लेश रहने लगा, जिससे अमन मानसिक रूप से पूरी तरह टूट गया और डिप्रेशन में रहने लगा।
कमरे से आ रही थी सल्फास की बदबू, अस्पताल में तोड़ा दम
10 जून को अमन घर पर पूरी तरह अकेला था और परिवार के अन्य सदस्य खेतों और अपने काम पर बाहर गए हुए थे। जब दोपहर के वक्त उसकी शादीशुदा बहन ज्योति अपने भाई को चाय देने के लिए उसके कमरे में दाखिल हुई, तो नजारा देखकर उसके होश उड़ गए। अमन बिस्तर के पास बैठकर उल्टियां कर रहा था और पूरे कमरे में जहरीली दवा सल्फास की तेज बदबू फैली हुई थी। ज्योति के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के पड़ोसी तुरंत मौके पर दौड़े और गंभीर हालत में अमन को नरवाना के नागरिक अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने हालत नाजुक देखते हुए उसे अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने अमन को मृत घोषित कर दिया।
पिता की गुहार—मेरे बेटे के हत्यारों को मिले सख्त सजा
शमशेर ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे अमन को खुदकुशी के रास्ते पर धकेलने वाले उसके अपने जीजा दीपक, उसकी पत्नी के मामा जयभगवान और दीपक के पिता बलवंत हैं, जिन्होंने साजिश के तहत पहले पैसे ठगे और फिर उसे समाज में जलील किया। राजौंद थाना के जांच अधिकारी नरेंद्र कुमार ने बताया कि पीड़ित पिता के बयानों और प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस की एक स्पेशल टीम इस ठगी और सुसाइड के मामले की गहनता से कड़ियां जोड़ रही है और आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।