राज्यसभा चुनाव विवाद: 4 वोट जबरन रद्द करने का आरोप, हुड्डा ने राज्यपाल से की शिकायत
Mar 20, 2026 12:05 PM
करनाल | राज्यसभा चुनाव की तपिश अभी शांत नहीं हुई है और हरियाणा के सियासी गलियारों में आरोपों की झड़ी लग गई है। करनाल पहुंचे नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सत्ताधारी भाजपा को आड़े हाथों लेते हुए चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए। हुड्डा ने साफ शब्दों में कहा कि राज्यसभा चुनाव के दौरान जिस तरह से विधायकों के सम्मान और लोकतांत्रिक मूल्यों के साथ खिलवाड़ किया गया, वह बेहद शर्मनाक है। उन्होंने आरोप लगाया कि महज सत्ता हथियाने के लिए भाजपा ने हर उस मर्यादा को लांघ दिया, जिसकी उम्मीद एक स्वस्थ लोकतंत्र में नहीं की जा सकती।
चार वोट रद्द करने का गणित: हुड्डा ने उठाए सवाल
भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने चुनाव के दौरान वोट रद्द किए जाने की प्रक्रिया को पूरी तरह से प्रायोजित बताया। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा, "प्रजातंत्र का गला घोंटने की कोशिश की गई है। चार वोटों को जिस तरह से जबरदस्ती रद्द किया गया, वह कोई सामान्य तकनीकी गलती नहीं बल्कि सत्ता पक्ष की सोची-समझी साजिश थी।" उन्होंने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी राज्यपाल को दे दी गई है और कांग्रेस इस मामले को ऊपरी स्तर पर ले जाने से पीछे नहीं हटेगी।
घर के भेदियों पर गिरेगी गाज
पार्टी के भीतर हुई क्रॉस वोटिंग पर हुड्डा का रुख बेहद सख्त नजर आया। उन्होंने उन विधायकों को स्पष्ट चेतावनी दी जिन्होंने पार्टी लाइन से हटकर मतदान किया। हुड्डा ने कहा, "गद्दारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। चार नाम तो जगजाहिर हो चुके हैं और पांचवें विधायक का चेहरा भी अगले एक-दो दिन में बेनकाब हो जाएगा।" गौरतलब है कि कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स ने भी हाल ही में पार्टी के भीतर छिपे 'जयचंदों' पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी से कड़ी कार्रवाई की मांग की थी। वत्स के इस बयान पर हुड्डा ने सहमति जताते हुए इसे भाजपा के बड़े नेताओं का षड्यंत्र करार दिया।
शैली चौधरी विवाद और भविष्य की रणनीति
विधायक शैली चौधरी के वीडियो बयान और उन्हें जारी किए गए नोटिस पर हुड्डा ने सधे हुए अंदाज में कहा कि पार्टी अनुशासन सर्वोपरि है और नोटिस का जवाब देना उनकी जिम्मेदारी है। हुड्डा के तेवरों से साफ है कि वे इस बार केवल बाहरी विरोधियों से ही नहीं, बल्कि घर के भीतर की गुटबाजी से भी निपटने के मूड में हैं। करनाल में उनके इस शक्ति प्रदर्शन और कड़े बयानों ने यह साफ कर दिया है कि आने वाले दिनों में हरियाणा की राजनीति और अधिक गरमाने वाली है।