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बीर बडालवा गांव में अवैध पानी कनेक्शनों पर चला प्रशासन का पीला पंजा, दर्जनों कनेक्शन काटे

Jun 10, 2026 2:26 PM

नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला) गर्मियों के मौसम में जहां पानी की एक-एक बूंद के लिए हाहाकार मचा रहता है, वहीं कुछ लोगों द्वारा सार्वजनिक पेयजल का इस्तेमाल अपने खेतों को सींचने के लिए करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। नीलोखेड़ी के अंतर्गत आने वाले गांव बीर बडालवा में जल संरक्षण और सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए वाटर एंड सैनिटेशन सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (WSSO) और पब्लिक हेल्थ विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी सर्जिकल स्ट्राइक की है। टीम ने गांव के विभिन्न हिस्सों में दबिश देकर उन अवैध पानी के कनेक्शनों को काट दिया है, जो सरकारी नियमों को ताक पर रखकर धड़ल्ले से चलाए जा रहे थे।

पेयजल से सींची जा रही थीं सब्जियां: आम जनता के हक पर डाका

दरअसल, पिछले काफी समय से विभाग को शिकायतें मिल रही थीं कि बीर बडालवा गांव के कुछ रसूखदार और रैंडम लोग पीने के पानी के मुख्य पाइपलाइन से अवैध कनेक्शन जोड़कर उसका कमर्शियल इस्तेमाल कर रहे हैं।

मौके पर मौजूद जांच अधिकारियों ने बताया:

"गांव के कुछ हिस्सों में लोगों ने घरेलू सप्लाई के पानी का रुख अपने खेतों और सब्जियों के बागों की तरफ मोड़ रखा था। खेतों में सरेआम टोटी (टैप) और बड़े पाइप लगाकर सिंचाई की जा रही थी। इस स्वार्थी कदम का खामियाजा पूरे गांव को भुगतना पड़ रहा था। मुख्य लाइन का प्रेशर डाउन होने की वजह से गांव के टेल (अंतिम छोर) पर बने घरों तक पानी की एक बूंद भी नहीं पहुंच पा रही थी और लोग बूंद-बूंद पानी के लिए तरस रहे थे।"

मौके पर पहुंचे अधिकारी, अवैध पाइपलाइनें उखाड़ीं

मामले की गंभीरता को देखते हुए वासो और जनस्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों ने गांव के सरपंच प्रतिनिधि और स्थानीय युवाओं को साथ लेकर औचक निरीक्षण शुरू किया। टीम जैसे ही खेतों की तरफ पहुंची, वहां का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। बिना किसी अनुमति के बिछाई गई अवैध प्लास्टिक और लोहे की पाइपलाइनों को फिटर राजेंद्र और पंप ऑपरेटर की मदद से तुरंत उखाड़ फेंका गया। अधिकारियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी कि सरकार द्वारा लाखों रुपये खर्च करके जो पानी भेजा जाता है, वह सिर्फ और सिर्फ घरेलू उपयोग और जीवन रक्षक आवश्यकताओं के लिए है, न कि फसलों को पालने के लिए।

जल संरक्षण के लिए जगाई अलख: युवाओं ने थामा हाथ

इस पूरी कार्रवाई के दौरान केवल डंडा ही नहीं चलाया गया, बल्कि ग्रामीणों के साथ एक संवाद भी स्थापित किया गया। टीम के साथ पहुंचे बीआरसी (Block Resource Coordinator) कुलभूषण शर्मा ने मौके पर ही चौपाल लगाकर ग्रामीणों को जल ही जीवन है का पाठ पढ़ाया।

उन्होंने उपस्थित लोगों से अपील करते हुए कहा:

"अगर हम आज जागरूक नहीं हुए, तो आने वाली नस्लें पानी के संकट से दम तोड़ देंगी। प्रशासन हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, लेकिन इसमें ग्रामीणों का सहयोग सबसे जरूरी है। पानी की चोरी करना एक सामाजिक और कानूनी अपराध है।"

इस अभियान के दौरान सरपंच प्रतिनिधि छत्रपाल और गांव के कई जागरूक युवाओं ने प्रशासनिक टीम का पूरा साथ दिया और घर-घर जाकर लोगों को पानी सहेजने की शपथ दिलाई।

विभाग की सख्त चेतावनी: दोबारा जुड़े कनेक्शन तो होगी जेल

पब्लिक हेल्थ विभाग के आला अधिकारियों ने इस कार्रवाई के बाद कड़े संकेत दिए हैं। उन्होंने साफ किया है कि बीर बडालवा में शुरू हुआ यह अभियान महज एक दिन की खानापूर्ति नहीं है। आने वाले दिनों में नीलोखेड़ी खंड के अन्य गांवों में भी ऐसे ही औचक निरीक्षण किए जाएंगे। यदि कोई भी व्यक्ति कटा हुआ कनेक्शन दोबारा जोड़ता हुआ पाया गया या पानी की बर्बादी करते रंगे हाथों पकड़ा गया, तो उसके खिलाफ न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पानी चोरी की धाराओं के तहत पुलिस केस भी दर्ज कराया जाएगा।

दूसरी ओर, इस त्वरित कार्रवाई से गांव के उन गरीब परिवारों में खुशी का माहौल है, जो पिछले कई हफ्तों से पानी की किल्लत से जूझ रहे थे। ग्रामीणों ने विभाग की इस कड़क कार्यशैली की सराहना की है।

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