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मजदूरी करने वालों का बेटा बना नासा का वैज्ञानिक: पानीपत के ननिहाल में अजीत सैनी का जोरदार स्वागत

May 01, 2026 12:54 PM

करनाल। कहते हैं कि अगर हौसलों में जान हो, तो आसमां भी छोटा लगने लगता है। इस कहावत को करनाल जिले के एक छोटे से गांव डीपो जनेसरो के युवक अजीत सैनी ने सच कर दिखाया है। एक ऐसे परिवार में जन्म लेकर जहाँ दो वक्त की रोटी के लिए पिता रामपाल और मां छन्नो देवी को दिन-रात कड़ी मेहनत-मजदूरी करनी पड़ती थी, अजीत ने नासा (NASA) तक का सफर तय कर देश का नाम रोशन किया है। अपनी इस ऐतिहासिक सफलता के बाद जब अजीत पहली बार अपने ननिहाल पानीपत के गांव उग्राखेड़ी पहुँचे, तो पूरा गांव उनकी एक झलक पाने को उमड़ पड़ा।

अपमान की आग ने बनाया 'स्पेस साइंटिस्ट'

अजीत की माँ छन्नो देवी ने भीगे मन से उस पुराने जख्म को याद किया, जिसने उनके बेटे की जिंदगी बदल दी। उन्होंने बताया कि जब अजीत छठी कक्षा में था, तब किसी कारणवश स्कूल में उसका बैग उठाकर कक्षा से बाहर फेंक दिया गया था। वह अपमान अजीत के बाल-मन में घर कर गया। रोते हुए घर पहुँचे अजीत ने उस दिन अपनी माँ के आंसू पोंछते हुए वादा किया था, "माँ, एक दिन ऐसा काम करके दिखाऊंगा कि पूरी दुनिया को मुझ पर नाज होगा।" आज नासा में चयन के साथ अजीत ने न केवल अपनी माँ का मान बढ़ाया, बल्कि उस अपमान का जवाब अपनी काबिलियत से दिया।

चंद्रयान मिशन ने दी नई दिशा

अपनी प्रेरणा के बारे में बात करते हुए अजीत सैनी बताते हैं कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) के चंद्रयान मिशन ने उनके भीतर वैज्ञानिक बनने की अलख जगाई। मिशन के दौरान आने वाली तकनीकी चुनौतियों को देखकर अजीत के मन में यह संकल्प जागा कि वे अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में विशेषज्ञता हासिल करेंगे ताकि भविष्य में भारत की तकनीकी शक्ति को और मजबूती दे सकें। इसी जिद और जुनून ने उन्हें दुनिया की सबसे बड़ी स्पेस एजेंसी नासा के दरवाजे तक पहुँचा दिया।

ननिहाल की माटी को किया नमन: स्कूली बच्चों को दिया जीत का मंत्र

उग्राखेड़ी पहुँचने पर अजीत का अंदाज किसी वीआईपी जैसा नहीं, बल्कि एक जमीन से जुड़े इंसान जैसा था। वे सबसे पहले अपने नाना के घर जाने के बजाय गांव के उसी सरकारी स्कूल पहुँचे, जहाँ बच्चों की आँखों में उन्होंने अपने बचपन के सपने देखे। बच्चों के बीच बैठकर अजीत ने कहा कि गरीबी कभी भी आपके रास्ते का पत्थर नहीं बन सकती। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि आपके पास स्पष्ट लक्ष्य और उसे पाने का अटूट साहस है, तो दुनिया की कोई भी ताकत आपको सफल होने से नहीं रोक सकती। गांव की पंचायत और स्कूल स्टाफ ने अजीत और उनके संघर्षशील माता-पिता को सम्मानित करते हुए उन्हें क्षेत्र का गौरव बताया।

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