केरल उच्च न्यायालय का ‘द केरल स्टोरी 2’ के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार
Mar 05, 2026 3:21 PM
कोच्चि: केरल उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कोच्चि में फिल्म द केरल स्टोरी 2 गोज बियॉन्ड से जुड़े विवाद पर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि जब इसी फिल्म से संबंधित मामले पहले से एकल न्यायाधीश और खंडपीठ के समक्ष लंबित हैं तब नई जनहित याचिका पर विचार करना उचित नहीं होगा।
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और न्यायमूर्ति श्याम कुमार वी एम की पीठ ने याचिकाकर्ताओं द्वारा दायर याचिका की कुछ टिप्पणियों पर कड़ी नाराजगी भी जताई। अदालत ने स्पष्ट किया कि फिल्म के नाम में बदलाव की मांग करने वाली इस जनहित याचिका में खंडपीठ पर लगाए गए आक्षेप न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप नहीं हैं। अदालत के अनुसार फिल्म से जुड़े विवाद पहले ही न्यायालय की विभिन्न पीठों के समक्ष विचाराधीन हैं इसलिए समान मुद्दे पर अलग जनहित याचिका सुनना उचित नहीं माना जा सकता है।
याचिका में की गई टिप्पणियों पर अदालत की नाराजगी
सुनवाई के दौरान पीठ ने याचिका में शामिल कुछ टिप्पणियों पर गंभीर आपत्ति जताई। मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन ने कहा कि न्यायालय की खंडपीठ पर इस तरह के आरोप लगाना अनुचित है। अदालत ने पूछा कि याचिका में ऐसी भाषा और टिप्पणियां कैसे जोड़ी गईं। इसके बाद याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश अधिवक्ता चेल्सन चेम्बराथी ने अदालत से बिना शर्त माफी मांगी। उन्होंने कहा कि यदि अदालत को आपत्ति है तो संबंधित हिस्सों को हटाया जा सकता है।
नई याचिका दायर करने की अनुमति
अंततः पीठ ने जनहित याचिका का निपटारा करते हुए याचिकाकर्ताओं को संशोधित याचिका दायर करने की अनुमति दे दी। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता खंडपीठ पर लगाए गए आक्षेप हटाकर नई याचिका दाखिल करते हैं तो उसे विधि के अनुसार देखा जा सकता है। इससे फिल्म की रिलीज को लेकर चल रहा विवाद भी एक हद तक स्पष्ट हो गया। इससे पहले 27 फरवरी को न्यायमूर्ति सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और पी वी बालकृष्णन की खंडपीठ ने एकल न्यायाधीश के उस आदेश पर रोक लगा दी थी जिसमें फिल्म की स्क्रीनिंग 15 दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया गया था यह आदेश निर्माता