Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र में फर्जी परीक्षार्थी मामला, 3 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़े दो मास्टरमाइंड

कुरुक्षेत्र में फर्जी परीक्षार्थी 3 महीने बाद पुलिस के हत्थे चढ़े दो मास्टरमाइंड
Kurukshetra News: कुरुक्षेत्र के गुरुकुल परीक्षा केंद्र में सीबीएसई (CBSE) 10वीं बोर्ड की री-अपीयर परीक्षा के दौरान दूसरे की जगह परीक्षा देने के मामले में कुरुक्षेत्र पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने फर्जी परीक्षार्थी का इंतजाम करने और पूरे नेटवर्क को संचालित करने वाले दो और आरोपियों को दबोच लिया है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान बारना निवासी राहुल और कैथल जिले के थेह बनेड़ा निवासी प्रताप उर्फ कबीर उर्फ बजरंगी के रूप में हुई है। इस मामले में पुलिस फर्जी छात्रा बनकर आई सोनिया और उसे बाइक पर केंद्र तक छोड़ने आए सीवन निवासी विनोद कुमार को घटना वाले दिन ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है।
कद-काठी देखकर गहराया शक, 15 मिनट के भीतर धरा गई ‘फर्जी छात्रा’
यह पूरा मामला 15 मई 2026 का है, जब गुरुकुल स्थित केंद्र में 10वीं कक्षा का गणित का पेपर चल रहा था। परीक्षा शुरू होने के महज 15 मिनट बाद ही वहां तैनात सुपरिंटेंडेंट व लेक्चरर नरेंद्र सिंह की नजर सोनिया पर पड़ी। उसकी कद-काठी और उम्र 10वीं कक्षा की छात्रा जैसी नहीं लग रही थी।
संदेह होने पर जब सुपरिंटेंडेंट ने रोल नंबर स्लिप और प्रवेश पत्र में दर्ज विवरण से उसका मिलान किया तो बड़ी धोखाधड़ी सामने आ गई। युवती किसी दूसरी छात्रा के रोल नंबर पर पेपर लिख रही थी। केंद्र स्टाफ की सूचना पर तुरंत पहुंची पुलिस टीम ने सोनिया को हिरासत में ले लिया और बाहर मुस्तैद उसके सहयोगी विनोद को भी धर दबोचा।
5 हजार रुपये का हुआ था सौदा, राहुल और प्रताप ने तैयार किया था नेटवर्क
पुलिस की गहन तफ्तीश में सामने आया कि शिक्षा माफिया की तरह काम कर रहे इन आरोपियों ने फर्जी परीक्षार्थी बैठाने का पूरा रेट फिक्स कर रखा था। इस मामले में असली छात्रा से सौदा तय होने के बाद सोनिया को परीक्षा देने के लिए तैयार किया गया था। पूरी डील महज 5 हजार रुपये में तय हुई थी, जिसमें से सोनिया को 3 हजार रुपये दिए जाने थे और बाकी 2 हजार रुपये बिचौलियों के बीच बंटने थे।
जांच में खुलासा हुआ कि राहुल पहले से सोनिया को जानता था और उसने ही पूरे मामले की सेटिंग की थी। राहुल ने अपने साथी प्रताप के साथ मिलकर योजना बनाई और विनोद को सोनिया को परीक्षा केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने का जिम्मा सौंपा था।
साढ़े 3 महीने बाद सलाखों के पीछे पहुंचे आरोपी, पुलिस खंगाल रही अन्य तार
घटना के बाद से ही राहुल और प्रताप पुलिस की गिरफ्त से दूर भाग रहे थे। करीब साढ़े तीन महीने की कड़ी मशक्कत और इनपुट्स के आधार पर पुलिस ने आखिरकार दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
मामले की जानकारी देते हुए जांच अधिकारियों ने बताया कि दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस एंगल से भी जांच आगे बढ़ा रही है कि क्या इस गिरोह ने इससे पहले भी किसी अन्य बोर्ड परीक्षा या प्रतियोगी परीक्षा में फर्जी परीक्षार्थी बैठाए हैं और इस सिंडिकेट में और कौन-कौन से लोग शामिल हैं।
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