झांसा मंडी में लापरवाही का 'हाई वोल्टेज' ड्रामा: गेहूं लोड करते समय तारों की चपेट में आया मजदूर
May 05, 2026 12:18 PM
झांसा। झांसा अनाज मंडी में शनिवार देर शाम एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया, जहाँ गेहूं की बोरियां ट्रक में लोड कर रहा एक मजदूर हाई-वोल्टेज बिजली की तारों की चपेट में आ गया। इस हादसे में मजदूर रहमान बुरी तरह झुलस गया है, जिसकी हालत बेहद नाजुक बताई जा रही है। उसे इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मौत का फंदा बनीं लटकती तारें
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हादसा उस समय हुआ जब मंडी में गेहूं के उठान का काम जोरों पर था। मजदूर रहमान ट्रक के ऊपर खड़ा होकर गेहूं के कट्टे तरतीब से लगा रहा था। इसी दौरान उसका शरीर मंडी के ऊपर से गुजर रही बिजली की ढीली तारों से छू गया। करंट का झटका इतना जबरदस्त था कि रहमान दूर जाकर गिरा और मौके पर ही बेहोश हो गया। मंडी में मौजूद अन्य मजदूरों और आढ़तियों में अफरा-तफरी मच गई और आनन-फानन में उसे अस्पताल पहुँचाया गया।
"कई बार चेताया, पर नहीं जागा विभाग"
अनाज मंडी झांसा के प्रधान ज्ञानचंद ने इस हादसे के लिए सीधे तौर पर बिजली विभाग को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने आक्रोश जताते हुए कहा, "मंडी के बीचों-बीच से गुजर रही ये तारें काफी नीचे तक लटक रही हैं, जो हर समय किसी बड़े हादसे को न्योता देती हैं। हमने प्रशासन और बिजली विभाग को कई बार लिखित और मौखिक शिकायतें दीं कि इन लाइनों को मंडी परिसर से बाहर शिफ्ट किया जाए, लेकिन हमारी मांगों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया गया।"
प्रधान ने आगे कहा कि मंडी एसोसिएशन घायल मजदूर रहमान के साथ खड़ी है और उसके इलाज के लिए हर संभव आर्थिक मदद सुनिश्चित की जाएगी।
एस्टिमेट और फाइलों में उलझी सुरक्षा
दूसरी ओर, बिजली निगम की दलीलें वही पुरानी और घिसी-पिटी हैं। हादसे के बाद जब बिजली निगम के जेई पवन कुमार से जवाब मांगा गया, तो उन्होंने तकनीकी प्रक्रियाओं का हवाला देते हुए पल्ला झाड़ लिया। जेई ने कहा, "मंडी से बिजली की लाइन शिफ्ट करने का एस्टिमेट कई बार तैयार किया जा चुका है। जैसे ही बजट पास होगा और तकनीकी मंजूरी मिलेगी, लाइन को बाहर कर दिया जाएगा।"
बड़ा सवाल यह है कि क्या विभाग किसी की जान जाने का इंतजार कर रहा था? एस्टिमेट और फाइलों के इस मकड़जाल ने एक मेहनतकश मजदूर को अस्पताल के बिस्तर पर पहुँचा दिया है। अब मंडी के आढ़तियों और मजदूरों ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही इन तारों को नहीं हटाया गया, तो वे काम ठप कर बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे।