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कुरुक्षेत्र में सौर क्रांति: 110% लक्ष्य पूरा, अब बीपीएल परिवारों को लगभग मुफ्त मिलेगा सोलर सिस्टम

May 09, 2026 3:04 PM

कुरुक्षेत्र।  हरियाणा में बिजली की आत्मनिर्भरता को लेकर कुरुक्षेत्र ने एक मिसाल पेश की है। उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम (UHBVN) ने कुरुक्षेत्र जिले में सौर ऊर्जा को लेकर न केवल लक्ष्य को समय से पहले पूरा किया, बल्कि 110 प्रतिशत की रिकॉर्ड सफलता दर्ज की है। एसई मदन गोपाल जिंदल के मुताबिक, मार्च 2026 तक के लिए जो टारगेट तय था, उसे पार करते हुए कुरुक्षेत्र आज पूरे प्रदेश में अग्रणी बनकर उभरा है। इस अभियान का सबसे सीधा फायदा आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है, क्योंकि नेट मीटरिंग के जरिए लोग अब बिजली पैदा करके ग्रिड को बेच रहे हैं।

सब्सिडी का बड़ा गणित: घर की छत बनेगी कमाई का जरिया

सरकार ने सोलर पैनल लगवाने के लिए सब्सिडी का ढांचा इतना सरल और आकर्षक बना दिया है कि मध्यम वर्ग इसमें खासी रुचि दिखा रहा है। अगर आप 2 किलोवाट तक का सिस्टम लगवाते हैं, तो केंद्र सरकार की ओर से 60 हजार रुपये की मोटी सब्सिडी दी जा रही है। वहीं, 3 से 10 किलोवाट तक के बड़े सिस्टम पर यह राशि 78 हजार रुपये तक पहुंच जाती है। बिजली निगम का दावा है कि मई को 'सोलर मंथ' के रूप में मनाते हुए वे गांव-गांव जाकर लोगों को यह समझाएंगे कि कैसे छत पर लगा सोलर पैनल उनके घर का बिजली बिल शून्य कर सकता है।

बीपीएल परिवारों और कर्मचारियों के लिए विशेष 'लोन' मॉडल

निगम ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए सौर ऊर्जा को सुलभ बनाने का नया रास्ता निकाला है। जिन बीपीएल परिवारों की सालाना आय 1.80 लाख रुपये से कम है, उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से इतनी सहायता मिल रही है कि उनका शुरुआती खर्च लगभग न के बराबर रह जाता है। इसके अलावा, जो उपभोक्ता पिछले 3 साल से बिना किसी देरी के अपना बिजली बिल भर रहे हैं, निगम उन्हें भी सोलर पैनल के लिए लोन की सुविधा दे रहा है। सरकारी कर्मचारियों के लिए भी अलग से ऋण योजना तैयार की गई है ताकि वे बिना बजट बिगड़े सोलर सिस्टम अपना सकें।

नेट मीटरिंग से बिल का झंझट खत्म

सौर ऊर्जा की सबसे बड़ी खूबी 'नेट मीटरिंग' प्रणाली है। इसके तहत अगर आपके सोलर पैनल ने जरूरत से ज्यादा बिजली पैदा की है, तो वह सीधे निगम के ग्रिड में चली जाएगी। महीने के अंत में निगम आपकी पैदा की गई बिजली और इस्तेमाल की गई बिजली का मिलान करेगा, जिसके बाद बिल नाममात्र का रह जाएगा। यही नहीं, 5 किलोवाट तक के सिस्टम पर 300 यूनिट तक कोई फिक्स्ड चार्ज भी नहीं लिया जा रहा है। कुरुक्षेत्र की इस सफलता को देखते हुए अब अगले वित्तीय वर्ष में 7000 से ज्यादा सोलर पैनल लगाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा गया है।


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