मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज विवाद: दादूवाल समर्थकों ने एसपी को घेरा, विर्क और कायमपुरा पर लगाए गंभीर आरोप
Mar 21, 2026 5:43 PM
कुरुक्षेत्र। कुरुक्षेत्र के शाहाबाद स्थित मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज की सेवा-संभाल का विवाद अब पुलिस की चौखट तक पहुँच गया है। शुक्रवार को हुए हिंसक टकराव के बाद शनिवार को हरियाणा कमेटी के पदाधिकारियों और समर्थकों का गुस्सा फूट पड़ा। मंजी साहिब गुरुद्वारा में बड़ी संख्या में एकत्रित हुए कमेटी सदस्यों ने शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के समर्थकों पर 'गुंडागर्दी' का आरोप लगाते हुए इसे एक गहरी साजिश करार दिया। हरियाणा कमेटी के नामित सदस्य बलजीत सिंह दादूवाल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसपी नीतिश अग्रवाल से मिलकर रघुजीत सिंह विर्क और बलदेव सिंह कायमपुरा समेत उनके समर्थकों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
"मुझ पर बंदूक तानी और पगड़ी उतार दी": गुरबीर सिंह की आपबीती
पीड़ित पक्ष की ओर से गुरबीर सिंह ने इस हमले के जो विवरण दिए हैं, वे काफी खौफनाक हैं। गुरबीर सिंह के अनुसार, आरोपियों ने न केवल उन पर हमला किया, बल्कि उन पर सरेआम बंदूक तान दी। संघर्ष के दौरान तलवारें लहराई गईं और दहशत का माहौल पैदा किया गया। गुरबीर सिंह ने भावुक होते हुए बताया, "हमलावरों ने मेरी पगड़ी उतार दी और कमरबंद को खींचा, जो सीधे तौर पर मेरी धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। मुझे संस्थान से धक्के मारकर बाहर निकाल दिया गया और जान से मारने की धमकी दी गई।" सिखों के लिए पगड़ी और ककार का अपमान एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है, जिससे अब यह मामला और भी पेचीदा हो गया है।
एसपी दफ्तर पर प्रदर्शन: दादूवाल बोले—"योजनाबद्ध था हमला"
शनिवार को शाहाबाद के मंजी साहिब गुरुद्वारा में हुई बैठक के बाद बलजीत सिंह दादूवाल ने समर्थकों के साथ कुरुक्षेत्र एसपी कार्यालय का रुख किया। दादूवाल ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यह कोई अचानक हुआ विवाद नहीं था, बल्कि रघुजीत विर्क और बलदेव कायमपुरा ने पूरी योजना बनाकर इस वारदात को अंजाम दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा की संस्थाओं पर कब्जा जमाने के लिए बल प्रयोग किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसपी नीतिश अग्रवाल ने प्रतिनिधिमंडल को उचित कानूनी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
मीरी-पीरी मेडिकल कॉलेज में बढ़ी सुरक्षा
शुक्रवार की झड़प के बाद से ही मेडिकल कॉलेज परिसर में तनाव व्याप्त है। पुलिस ने एहतियातन वहां सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि स्थिति और न बिगड़े। फिलहाल, दोनों पक्षों के बीच चल रही यह खींचतान हरियाणा की सिख राजनीति में एक नए विवाद को जन्म दे चुकी है। अब सबकी निगाहें पुलिस की तफ्तीश पर टिकी हैं कि क्या वास्तव में आरोपियों के खिलाफ धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने और जानलेवा हमले की धाराओं के तहत कार्रवाई होगी।