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Narnaul Suicide: नारनौल के कारोबारी खुदकुशी मामले में बड़ा एक्शन, 'आप' नेता रविंद्र मटरू समेत 7 पर FIR

May 21, 2026 12:59 PM

नारनौल। नारनौल के एक प्रतिष्ठित क्रेशर कारोबारी हरीश कुमार की आत्महत्या के मामले ने अब राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में तूल पकड़ लिया है। रेवाड़ी जिले के खोल थाना पुलिस ने इस मामले में तत्परता दिखाते हुए मृतक को आत्मघाती कदम उठाने के लिए मजबूर करने के आरोप में सात लोगों के खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। एफआईआर में नामजद आरोपियों में एक बड़ा नाम रविंद्र सिंह मटरू का भी है, जिन्होंने पिछला विधानसभा चुनाव नारनौल सीट से आम आदमी पार्टी (AAP) के टिकट पर लड़ा था। यह पूरी कानूनी कार्रवाई मृतक के बेटे आयुष चोटिया की शिकायत पर की गई है, जो मूल रूप से राजस्थान के सीकर के रहने वाले हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर तफ्तीश की कमान संभाल ली है।

बालाजी मिनरल्स में घाटा और फिर रसूखदारों का आर्थिक दबाव

शिकायत के मुताबिक, हरीश कुमार 'बालाजी मिनरल्स' नाम से क्रेशर और माइनिंग का कारोबार संभालते थे। पिछले कुछ समय से व्यवसाय में लगातार घाटा होने के चलते उनकी माली हालत काफी खराब हो गई थी। इसी आर्थिक तंगी का फायदा उठाकर उनके साथ साझेदारी करने वाले और बाजार के कुछ तथाकथित रसूखदार उन पर हावी होने लगे। हरीश के बेटे आयुष ने पुलिस को दी तहरीर में आरोप लगाया है कि रविंद्र सिंह मटरू, हरपाल चौधरी, जैली सिंह सरपंच, परमीत सिंह, सांवरमल मीणा और अशोक मीणा जैसे लोग उनके पिता को लगातार मानसिक रूप से टॉर्चर कर रहे थे। इन लोगों ने बाजार के पैसों के लेन-देन को लेकर हरीश पर इतना दबाव बना दिया था कि उनका घर से निकलना तक बंद हो गया था।

मूलधन से कई गुना वसूली, गहने और चेक दबाकर बैठे थे आरोपी

इस मामले में सूतखोरी और अवैध रूप से भारी ब्याज वसूलने का एक घिनौना खेल भी सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि हरीश कुमार ने अपने व्यवसाय को उबारने के लिए इन लोगों से भारी ब्याज दर पर कर्ज लिया था। हरीश ने पाई-पाई जोड़कर मूल राशि से कई गुना अधिक रकम आरोपियों की जेब में डाल दी थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों की नीयत साफ नहीं हुई। वे हरीश के साइन किए हुए ब्लैंक चेक, जरूरी व्यावसायिक दस्तावेज और गिरवी रखे गए सोने के गहने वापस करने में आनाकानी कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब कुछ आरोपियों ने उनके क्रेशर और ट्रांसपोर्ट बिजनेस में जबरन हिस्सेदारी देने के लिए सीधे तौर पर जान से मारने की धमकियां देना शुरू कर दिया।

कार में जहर खाकर भेजी थी लोकेशन, पुलिस को मिले पुख्ता डिजिटल सबूत

इस प्रताड़ना का अंत बेहद दर्दनाक रहा। बीते 12 मई की शाम को जब हरीश कुमार मानसिक तनाव के चरम पर पहुंच गए, तो उन्होंने आत्मघाती कदम उठा लिया। जहर खाने के बाद उन्होंने अपने कुछ बेहद करीबी परिचितों को व्हाट्सएप पर मदद की गुहार लगाते हुए अपनी लाइव लोकेशन भेजी थी। जब तक दोस्त और परिजन उस लोकेशन यानी रेवाड़ी के खोल थाना इलाके में पहुंचे, हरीश अपनी कार के भीतर अचेत अवस्था में पड़े मिले। उन्हें तुरंत नारनौल के एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने जयपुर रेफर कर दिया, लेकिन वहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।

परिजनों ने पुलिस को बताया कि हरीश कुमार ने मरने से पहले एक भावुक सुसाइड नोट लिखा था और अपनी आपबीती बताते हुए एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। खोल थाना पुलिस को ये सभी वीडियो रिकॉर्डिंग, व्हाट्सएप चैट और सुसाइड नोट सौंप दिए गए हैं, जिन्हें फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा जा रहा है।

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