नूंह पुलिस का बड़ा एक्शन: गन कल्चर को बढ़ावा देने वाला मेवाती सिंगर असलम गिरफ्तार
Apr 18, 2026 2:41 PM
नूंह। हरियाणा के नूंह जिले में पुलिस ने गन कल्चर और आपराधिक प्रवृत्तियों के खिलाफ सर्जिकल स्ट्राइक शुरू कर दी है। इसी कड़ी में मेवाती सिंगर असलम की गिरफ्तारी एक बड़ा उदाहरण बनकर सामने आई है। असलम पर आरोप है कि उसने अपने गानों के जरिए न केवल कानून की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि युवाओं के हाथों में कलम और किताब की जगह अवैध हथियार थमाने वाली मानसिकता को बढ़ावा दिया। पुलिस की यह कार्रवाई केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि सोशल मीडिया के उस कचरे के खिलाफ है जो समाज में डर और असुरक्षा का जहर घोल रहा है।
हथियार, रंगदारी और रसूख: यूट्यूब चैनल बना था 'अपराध' का विज्ञापन
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) वाई.वी.आर. शशि शेखर (IPS) ने बताया कि आरोपी असलम अपने यूट्यूब चैनल “असलम सिंगर ज़मीदार टॉपिक” पर ऐसे गाने अपलोड करता था, जिनमें अवैध हथियारों का खुलेआम महिमामंडन किया जाता था। गानों के बोल में रंगदारी वसूलने, सरेराह गोलीबारी करने और कानून को ठेंगे पर रखने जैसी बातें शामिल थीं। पुलिस के मुताबिक, ऐसे कंटेंट से न केवल नूंह का माहौल खराब हो रहा था, बल्कि आसपास के क्षेत्रों के युवाओं पर भी इसका बेहद नकारात्मक असर पड़ रहा था।
एसपी डॉ. अर्पित जैन की पैनी नजर: डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर सख्त पहरा
इस गिरफ्तारी के पीछे जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अर्पित जैन द्वारा गठित सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सेल की अहम भूमिका है। एसपी ने पहले ही स्पष्ट कर दिया था कि फेसबुक, यूट्यूब या इंस्टाग्राम पर जो भी व्यक्ति अपराध को 'ग्लैमराइज' करेगा या गैंगस्टर संस्कृति को बढ़ावा देगा, उसके खिलाफ रासुका जैसी कड़ी धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। इसी रणनीति के तहत पुलिस ने अब असलम के यूट्यूब चैनल और फेसबुक अकाउंट को स्थाई रूप से बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है ताकि उसके जहरीले कंटेंट तक किसी की पहुँच न रहे।
अभिव्यक्ति की आज़ादी बनाम सामाजिक जिम्मेदारी: 14 दिन की जेल
अदालत ने असलम को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। यह कार्रवाई उन कंटेंट क्रिएटर्स और कलाकारों के लिए एक कड़ी चेतावनी है जो 'व्यूज' और 'लाइक्स' की भूख में सामाजिक जिम्मेदारी को भूल चुके हैं। पुलिस अब इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने इन वीडियो के फिल्मांकन और प्रसार में मदद की थी। प्रशासन का मानना है कि नूंह की छवि सुधारने और युवाओं को सही राह पर लाने के लिए डिजिटल सफाई का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।