Haryana Weather Update: महेंद्रगढ़-रेवाड़ी में अंधड़ के बाद झमाझम बारिश, मौसम विभाग ने 7 जिलों में जारी किया अलर्ट
Jun 06, 2026 6:54 PM
हरियाणा। उत्तर भारत में नौतपा बीतने के बाद भी सूरज के तीखे तेवरों ने आम जनजीवन को झुलसा रखा था, लेकिन शनिवार दोपहर होते-होते कुदरत का रुख थोड़ा नरम पड़ गया। हरियाणा के दक्षिणी हिस्से, खासकर महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी में अचानक आसमान में काले बादलों का डेरा जमा और देखते ही देखते तेज धूल भरी आंधी के साथ झमाझम बारिश शुरू हो गई। इस मानसूनी फुहार ने न केवल वातावरण में ठंडक घोली है, बल्कि बीते कई दिनों से लगातार 45 डिग्री के आसपास तप रहे रेतीले इलाके के लोगों को बड़ी राहत दी है। चंडीगढ़ मौसम विभाग के अनुसार, यह बदलाव एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण हुआ है, जिसका असर अगले दो दिनों तक सूबे के अलग-अलग हिस्सों में दिखाई देगा।
रोहतक को छोड़कर बाकी शहरों को राहत, सामान्य से नीचे आया तापमान
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, इस ताजा मौसमी बदलाव के कारण प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में सीधे 3.1 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई है। ज्येष्ठ के महीने में जहां अमूमन लू (Heatwave) के थपेड़े चलते थे, वहां अब अधिकतम तापमान सामान्य से 1.7 डिग्री सेल्सियस कम बना हुआ है। राहत की बात यह है कि हरियाणा के 23 जिलों में से 20 जिलों में पारा अब 40 डिग्री से नीचे आ गया है। शुक्रवार को अंबाला में 37.3 डिग्री और हिसार में 39 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड हुआ। हालांकि, रोहतक अब भी 43.6 डिग्री सेल्सियस के साथ राज्य का सबसे गर्म इलाका बना हुआ है।
दो दिन बाद फिर बढ़ेगी गर्मी, लेकिन 11 जून से फिर राहत के आसार
मौसम विभाग के पूर्वानुमान की मानें तो राहत का यह सिलसिला बहुत लंबा नहीं खिंचेगा। 6 और 7 जून को आंधी-बारिश के बाद अगले तीन-चार दिनों के लिए मौसम शुष्क हो सकता है, जिससे तापमान में दोबारा 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक का उछाल आने की संभावना है। लेकिन राहत की अगली खेप भी ज्यादा दूर नहीं है; आगामी 11 जून से सूबे में एक बार फिर मौसम करवट लेगा और आंधी-तूफान के साथ मानसूनी बारिश का एक और दौर शुरू होगा, जो जून के मध्य तक लोगों को भीषण लू से बचाकर रखेगा।
दक्षिण हरियाणा के लिए एडवायजरी, किसानों को सतर्क रहने की हिदायत
अचानक आने वाले इस अंधड़ और आसमानी बिजली के खतरे को देखते हुए प्रशासन और मौसम विभाग ने दक्षिण हरियाणा के निवासियों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। तेज आंधी के दौरान लोगों को पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे न खड़े होने की अपील की गई है। इसके साथ ही, खेतों में काम कर रहे किसानों को भी सचेत किया गया है कि वे अपनी कटी हुई फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें, ताकि अचानक होने वाली तेज बारिश या ओलावृष्टि से किसी तरह का आर्थिक नुकसान न उठाना पड़े।