मेवात में नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल की कड़ी कैद
May 10, 2026 2:40 PM
मेवात। मामला सितंबर 2023 का है, जिसने मेवात क्षेत्र के लोगों के दिल दहला दिए थे। जानकारी के मुताबिक, वारदात की रात पीड़ित नाबालिग अपनी भाभी के पास सो रही थी। रात करीब 11 बजे जब उसकी भाभी कुछ काम से घर से बाहर गई, तो घात लगाए बैठे आरोपी ने मौके का फायदा उठाया। वह चुपके से घर में दाखिल हुआ और नाबालिग की बेबसी का फायदा उठाते हुए उसके साथ दुष्कर्म किया। वारदात को अंजाम देकर आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। सुबह होते ही जब मासूम ने अपनी मां को आपबीती सुनाई, तो परिवार के पैरों तले जमीन खिसक गई।
पुलिस की मुस्तैदी और 12 गवाहों की गवाही
पीड़िता की मां की शिकायत पर नूंह पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया था। पुलिस ने न केवल आरोपी को सलाखों के पीछे पहुँचाया, बल्कि अदालत में केस को मजबूती से लड़ने के लिए तमाम वैज्ञानिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्य भी जुटाए। सुनवाई के दौरान अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से करीब 12 गवाह पेश किए गए। नूंह पुलिस की प्रभावी पैरवी का ही नतीजा रहा कि अदालत ने आरोपी को तनिक भी राहत नहीं दी।
अदालत की सख्त टिप्पणी: "जुर्माना नहीं भरा तो बढ़ेगी सजा"
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश डॉ. आशु संजीव तिंजन ने मामले की गंभीरता और समाज पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को देखते हुए अपना फैसला सुनाया। कोर्ट ने दोषी को 20 साल के सश्रम कारावास के साथ 35 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। अदालत ने यह भी साफ कर दिया कि यदि दोषी जुर्माने की राशि जमा नहीं करता है, तो उसे निर्धारित सजा के ऊपर अतिरिक्त समय तक जेल में रहना होगा।
न्याय की जीत और समाज को संदेश
इस फैसले के बाद कानूनी जानकारों का मानना है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय से पीड़ित परिवारों का कानून पर भरोसा बढ़ता है। लगभग 3 साल तक चले कानूनी संघर्ष (मामले के पुराने संदर्भों सहित) और पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों ने आरोपी को बचने का कोई रास्ता नहीं दिया। स्थानीय लोगों ने भी अदालत के इस फैसले का स्वागत किया है, जिससे इलाके में कानून का खौफ और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशीलता बढ़ने की उम्मीद है।