नूंह पुलिस का बड़ा एक्शन: प्याज के नीचे छिपाकर ले जा रहे थे 1 करोड़ का नशा, 2 गिरफ्तार
May 07, 2026 4:13 PM
नूंह। नूंह पुलिस को नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में उस वक्त बड़ी कामयाबी मिली, जब दिल्ली-अलवर रोड पर एक संदिग्ध पिकअप गाड़ी पुलिस के रडार पर आई। गांव नसीरबास के पास नाकाबंदी के दौरान पुलिस ने जब राजस्थान नंबर की एक गाड़ी को रुकने का इशारा किया, तो ड्राइवर ने सकपका कर गाड़ी रोक दी। गाड़ी रुकते ही उसमें सवार दो युवक नीचे उतरकर खेतों की तरफ भागने लगे, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीम ने पीछा कर दोनों को धर दबोचा।
प्याज के नीचे छिपा था 'काला कारोबार'
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अलवर के भालपुर निवासी गुरदीप सिंह और मंडापुर निवासी सतपाल के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में गाड़ी के अंदर केवल प्याज के कट्टे नजर आ रहे थे, जिससे पुलिस को लगा कि शायद कोई आम व्यापारी है। लेकिन जब पुलिस ने कट्टों को हटाकर गहराई से तलाशी ली, तो प्याज के 45 कट्टों के नीचे 30 प्लास्टिक के बोरे मिले। इन बोरों को खोलते ही पुलिस के होश उड़ गए, क्योंकि इनमें भारी मात्रा में चूरा पोस्त भरा हुआ था।
एक करोड़ का नशा, दिल्ली थी मंजिल
पुलिस ने सभी 30 कट्टों का वजन करवाया, तो कुल भार 607 किलो 500 ग्राम निकला। बाजार में इसकी कीमत एक करोड़ रुपये के आसपास बताई जा रही है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि वे यह माल अलवर से लेकर चले थे और इसे दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में सप्लाई किया जाना था। तस्करों ने सोचा था कि प्याज की दुर्गंध और कट्टों की आड़ में वे पुलिस की नजरों से बच निकलेंगे, लेकिन उनकी यह चालाकी धरी की धरी रह गई।
नेटवर्क खंगालने में जुटी पुलिस
पुलिस ने मादक पदार्थ और तस्करी में इस्तेमाल की गई पिकअप गाड़ी को अपने कब्जे में ले लिया है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अब पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि यह चूरा पोस्त राजस्थान में कहां से लाया गया था और दिल्ली में इसका मुख्य रिसीवर कौन था। पुलिस को अंदेशा है कि इस गिरोह के तार अंतरराज्यीय नशा तस्करों से जुड़े हो सकते हैं।