Search

सीतामाई गांव के प्राचीन मंदिर में शिवलिंग जीर्णोद्धार शुरू, 'राम नाम' की ईंटों से बनेगा गर्भगृह

Jun 17, 2026 2:29 PM

नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला)। हरियाणा के नीलोखेड़ी खंड के ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व को समेटे गांव सीतामाई में स्थित प्राचीन सीता माता मंदिर एक बार फिर बड़े धार्मिक अनुष्ठान का गवाह बना है। मंदिर परिसर में पिछले दिनों खंडित हुए शिवलिंग के जीर्णोद्धार कार्य का शंखनाद बेहद भव्य तरीके से किया गया। वैदिक मंत्रोच्चारण, विशेष पूजा-अर्चना और आहुतियों के साथ शुरू हुए इस अनुष्ठान में आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरा मंदिर परिसर 'हर-हर महादेव' और 'जय सियाराम' के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

इस पूरे धार्मिक कायाकल्प की कमान प्राचीन सीतामाई मंदिर सेवा समिति के हाथों में है। समिति के सचिव ईशम बैरागी की अगुवाई में विद्वान पंडितों की टोली ने सबसे पहले मुख्य वेदी पर कलश स्थापना की और फिर विधि-विधान से यज्ञ संपन्न कराकर जीर्णोद्धार कार्य की नींव रखी। इस दौरान गांव और आसपास के क्षेत्र की सुख-समृद्धि के लिए विशेष प्रार्थना की गई।

जुलाई में सजेगा शिव दरबार; प्राण प्रतिष्ठा की तैयारियां तेज

समिति के सचिव ईशम बैरागी ने आगामी योजनाओं को साझा करते हुए बताया कि शिवलिंग के जीर्णोद्धार का यह काम बेहद बारीकी और भव्यता के साथ किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आने वाले जुलाई महीने में मंदिर परिसर के भीतर एक बड़ा धार्मिक समागम आयोजित किया जाएगा। इस महोत्सव में देशभर से नामचीन आचार्यों और संतों को आमंत्रित करने की योजना है, जिनकी देखरेख में पूरे शिव परिवार की नई प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा और स्थापना की जाएगी। समिति का मानना है कि जुलाई में होने वाला यह आयोजन समूचे नीलोखेड़ी क्षेत्र के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा का एक नया केंद्र बनेगा।

'राम नाम' की ईंटों से जुड़ेगा सेतु, सनातन परंपरा को बल

इस पावन मौके पर मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता मुकेश कुमार ने जीर्णोद्धार कार्य की एक बेहद खास और आध्यात्मिक विशेषता पर रोशनी डाली। उन्होंने बताया कि इस निर्माण कार्य में सामान्य ईंटों के बजाय विशेष रूप से तैयार की गईं 'राम नाम' अंकित पवित्र ईंटों का प्रयोग किया जा रहा है। मुकेश कुमार के मुताबिक, यह कदम न केवल श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का प्रतीक है, बल्कि हमारी समृद्ध सनातन संस्कृति, इतिहास और परंपराओं के संरक्षण का एक जीवंत संदेश भी है। उन्होंने इस पुनीत कार्य में हर वर्ग से तन-मन-धन से सहयोग करने की अपील की।

सीतामाई मंदिर सेवा समिति ने क्षेत्रवासियों को जानकारी दी है कि जुलाई में होने वाले मुख्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह के दौरान केवल स्थापना ही नहीं होगी, बल्कि कई दिनों तक चलने वाले भव्य कीर्तन, सत्संग और विशाल भंडारे (महाप्रसाद) की भी व्यवस्था की जा रही है। ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों से अभी से इस उत्सव को ऐतिहासिक बनाने के लिए टोलियां बनाकर जनसंपर्क शुरू करने का आग्रह किया गया है।

You may also like:

Please Login to comment in the post!