पंजाब विजिलेंस मुख्यालय पर CBI रेड: रीडर और बिचौलिए गिरफ्तार, 20 लाख की कथित रिश्वत डील और 13 लाख नकद बरामद
May 12, 2026 11:35 AMमोहाली: पंजाब में भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र पर उस समय बड़े सवाल खड़े हो गए, जब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) ने मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो मुख्यालय पर छापा मारा। सोमवार देर रात शुरू हुई कार्रवाई मंगलवार सुबह तक जारी रही। जानकारी के मुताबिक यह कार्रवाई कथित 20 लाख रुपए की रिश्वत डील से जुड़ी हुई है। सीबीआई ने विजिलेंस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी के रीडर ओपी राणा और मलोट निवासी कथित बिचौलियों राघव गोयल तथा विकास गोयल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। एजेंसी ने चंडीगढ़ के एक फाइव स्टार होटल में ट्रैप लगाकर कार्रवाई की, जहां शिकायतकर्ता के साथ कथित डील हो रही थी। इस दौरान 13 लाख रुपए नकद बरामद किए जाने की बात सामने आई है।
मोहाली विजिलेंस मुख्यालय में देर रात कार्रवाई
सीबीआई टीम ने सोमवार देर रात मोहाली स्थित पंजाब विजिलेंस ब्यूरो दफ्तर में दबिश दी। रेड के बाद मंगलवार सुबह एजेंसी की टीम दोबारा मुख्यालय पहुंची और दस्तावेजों की जांच की। सूत्रों के मुताबिक सीबीआई को पिछले कुछ दिनों से कथित रिश्वत लेनदेन की जानकारी मिल रही थी, जिसके बाद यह कार्रवाई की गई। बताया जा रहा है कि विजिलेंस विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी का रीडर ओपी राणा इस मामले में मुख्य भूमिका में था। हालांकि कार्रवाई के दौरान उसके फरार होने की चर्चा भी सामने आई। सीबीआई अधिकारियों ने अभी तक इस पूरे मामले में आधिकारिक विस्तृत प्रेस नोट जारी नहीं किया है, लेकिन जांच लगातार आगे बढ़ रही है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार सीबीआई ने चंडीगढ़ के एक फाइव स्टार होटल में ट्रैप लगाया था। यहां कथित तौर पर 20 लाख रुपए की रिश्वत को लेकर बातचीत चल रही थी। शिकायतकर्ता 13 लाख रुपए लेकर होटल पहुंचा था, जिसे एजेंसी ने बरामद कर लिया। सीबीआई ने मौके से मलोट निवासी राघव गोयल और विकास गोयल को हिरासत में लिया। बाद में दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। जांच एजेंसी का कहना है कि राघव गोयल विजिलेंस अधिकारी का करीबी माना जाता था और उसे पंजाब सरकार की ओर से सुरक्षा भी मिली हुई थी। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित डील में और कौन लोग शामिल थे।
भ्रष्टाचार नेटवर्क की लेयर-दर-लेयर जांच
सीबीआई की कार्रवाई के बाद पंजाब विजिलेंस ब्यूरो के भीतर हड़कंप की स्थिति बन गई। जिस विभाग पर भ्रष्टाचार रोकने की जिम्मेदारी है, उसी विभाग में कथित रिश्वत नेटवर्क सामने आने से कई सवाल उठ रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक एजेंसी अब केवल एक रीडर या बिचौलियों तक सीमित नहीं रहने वाली। सीबीआई अब उन अधिकारियों, कर्मचारियों और बाहरी लोगों की भूमिका भी खंगाल रही है, जिनके जरिए कथित तौर पर डील सेट करवाई जाती थी। एजेंसी अलग-अलग स्तर पर दस्तावेज, कॉल रिकॉर्ड और अन्य तकनीकी सबूत जुटाने में लगी है। आने वाले दिनों में कुछ और नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।
सीबीआई रेड के बाद पंजाब की राजनीति में भी आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैहरा ने कहा कि विजिलेंस ब्यूरो खुद भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिस विभाग की जिम्मेदारी भ्रष्टाचार रोकने की है, वहीं पर भ्रष्टाचार के आरोप सामने आ रहे हैं। पूर्व डिप्टी सीएम और कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने इसे पंजाब के लिए शर्मनाक दिन बताया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के अधीन काम करने वाले विभाग में इस तरह की कार्रवाई राज्य की छवि को नुकसान पहुंचाने वाली है। वहीं भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि भ्रष्टाचार में शामिल लोगों को अब जवाब देना पड़ेगा।
मजीठिया ने विजिलेंस चीफ पर उठाए सवाल
शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि सीबीआई कार्रवाई के बाद विजिलेंस डीजीपी ऑफिस को सील कर दिया गया। उन्होंने यह भी कहा कि विजिलेंस चीफ का फोन बंद है और उनके फरार होने की चर्चा चल रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। सीबीआई और पंजाब सरकार की ओर से इस संबंध में कोई सार्वजनिक बयान जारी नहीं किया गया। एजेंसी फिलहाल गिरफ्तार आरोपियों और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में लगी हुई है।
सूत्रों के मुताबिक सीबीआई अब इस मामले में वित्तीय लेनदेन, फोन रिकॉर्ड और विभागीय फाइलों की गहन जांच करेगी। एजेंसी यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित रिश्वत नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसमें किन-किन स्तरों के लोग शामिल थे। पंजाब में पहली बार विजिलेंस ब्यूरो के भीतर इस स्तर की सीबीआई कार्रवाई होने से प्रशासनिक हलकों में भी बेचैनी बढ़ गई है। आने वाले दिनों में इस केस में और गिरफ्तारियां या बड़े खुलासे हो सकते हैं, क्योंकि एजेंसी पूरे मामले की परत-दर-परत जांच कर रही है।