पलवल में बैंक मैनेजर की काली करतूत: असली सोना निकालकर लॉकर में भर दिए नकली जेवर
Apr 18, 2026 10:34 AM
पलवल। पलवल शहर से बैंकिंग जगत को हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ 'बाड़ ही खेत को खाने लगी'। शहर के एक निजी बैंक (CSB बैंक) में तैनात बैंकिंग ऑपरेशंस मैनेजर ने ग्राहकों के भरोसे का कत्ल करते हुए बैंक की तिजोरी में रखे असली सोने को नकली जेवरों से बदल डाला। पुलिस ने बैंक मैनेजर की आधिकारिक शिकायत और लंबी पड़ताल के बाद आरोपी अधिकारी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। पकड़े जाने के डर से आरोपी पहले ही नौकरी छोड़ चुका है, लेकिन उसकी यह चालाकी सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
जनवरी की ऑडिट रिपोर्ट ने खोली पोल, गायब मिला 'पीला सोना'
धोखाधड़ी का यह खेल उस वक्त उजागर हुआ, जब जनवरी महीने में बैंक की इंटरनल ऑडिट टीम ने रिकॉर्ड खंगाले। रिकॉर्ड के मुताबिक, बलवीर सिंह नाम के एक ग्राहक ने अगस्त 2025 में 37.50 ग्राम असली सोना गिरवी रखकर गोल्ड लोन लिया था। नियमों के तहत जब लोन पैकेट की फिजिकल जांच की गई, तो बैंक अधिकारियों के पैरों तले जमीन खिसक गई। पैकेट के अंदर 37.50 ग्राम असली सोने की जगह 50.75 ग्राम वजन के नकली आभूषण रखे हुए थे। वजन में यह बड़ा अंतर और जेवरों की बनावट ने बैंक के भीतर मचे हड़कंप को पुख्ता कर दिया।
सीसीटीवी में कैद हुई ऑपरेशन मैनेजर की 'जादुई' चाल
बैंक की आंतरिक जांच की सुई अलीगढ़ निवासी तत्कालीन ऑपरेशंस मैनेजर सचिन कुमार पर जाकर टिकी। जब 29 अगस्त 2025 की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, तो सचिन की पूरी करतूत सामने आ गई। फुटेज में साफ दिखा कि सचिन बैंक से बाहर गया और जब वापस लौटा तो उसकी जेब में एक प्लास्टिक का कवर फूला हुआ था। उसने बड़ी ही धूर्तता के साथ स्ट्रांग रूम में प्रवेश किया और अपनी जेब में रखे नकली जेवरों को असली सोने के पैकेट से बदल दिया। आरोपी ने इस साजिश को अंजाम देने के लिए दूसरे कर्मचारी की लॉगिन आईडी का भी दुरुपयोग किया, ताकि कागजी कार्रवाई में उसका नाम सामने न आए।
गिरफ्तारी के डर से इस्तीफे का 'शतरंज'
आरोपी सचिन कुमार ने बड़ी ही सोची-समझी रणनीति के तहत काम किया। वारदात को अंजाम देने के ठीक अगले दिन उसने बैंक से इस्तीफा दे दिया। हालांकि, उसे लगा कि तुरंत नौकरी छोड़ने पर शक गहरा सकता है, इसलिए उसने अपना इस्तीफा वापस ले लिया और कुछ समय तक सामान्य रूप से काम करता रहा। जब मामला शांत होता दिखा, तो अक्टूबर 2025 में उसने स्थायी रूप से बैंक छोड़ दिया। फिलहाल, पुलिस सीसीटीवी फुटेज और बैंक रिकॉर्ड को आधार बनाकर आरोपी की तलाश में दबिश दे रही है। इस घटना ने गोल्ड लोन लेने वाले ग्राहकों के बीच सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।