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पंचकूला में फर्जी डिग्री कांड: भाजपा नेता महेंद्र जुनेजा गिरफ्तार, 10 लाख में खरीदी थी BAMS की डिग्री

Apr 10, 2026 12:18 PM

पंचकूला। हरियाणा की राजनीति और प्रशासनिक हलकों में उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पंचकूला पुलिस ने फर्जी डिग्री मामले में एक प्रभावशाली भाजपा नेता महेंद्र जुनेजा को दबोच लिया। मामला केवल डिग्री के हेरफेर का नहीं, बल्कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े एक बड़े फर्जीवाड़े का है। आरोप है कि जुनेजा ने बिना किसी पढ़ाई या परीक्षा के, सिर्फ पैसों के दम पर बीएएमएस (Bachelor of Ayurvedic Medicine and Surgery) की डिग्री हासिल की थी। पुलिस की जांच में सामने आया है कि इस जाली दस्तावेज के लिए करीब 10 लाख रुपये का सौदा किया गया था।

सेक्टर-5 थाना पुलिस की बड़ी कार्रवाई: ₹10 लाख में 'डॉक्टर' बनने का शौक पड़ा भारी

पंचकूला के सेक्टर-5 थाना पुलिस लंबे समय से इस रैकेट की कड़ियों को जोड़ने में जुटी थी। थाना प्रभारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी महेंद्र जुनेजा के खिलाफ पुख्ता सबूत मिलने के बाद ही उन्हें हिरासत में लिया गया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी ने एक सुनियोजित साजिश के तहत फर्जी शैक्षणिक संस्थान या बिचौलियों के जरिए लाखों रुपये खर्च कर यह डिग्री हासिल की। पुलिस अब उन लोगों की भी तलाश कर रही है जिन्होंने यह फर्जीवाड़ा करने में जुटी 'डिग्री फैक्ट्री' को चलाने में मदद की।

कोर्ट ने नहीं दी राहत: 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेजे गए

गिरफ्तारी के बाद शुक्रवार को पुलिस ने महेंद्र जुनेजा को पंचकूला जिला अदालत में पेश किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता और अन्य आरोपियों की संलिप्तता का हवाला देते हुए जांच की प्रगति रिपोर्ट पेश की। कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद भाजपा नेता को कोई राहत न देते हुए 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का फैसला सुनाया। इस कार्रवाई के बाद से ही शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म है और पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या जुनेजा ने इस फर्जी डिग्री का इस्तेमाल कहीं प्रैक्टिस करने या सरकारी लाभ लेने के लिए भी किया था।

सियासी गलियारों में खलबली: विपक्ष को मिला मुद्दा

सत्ताधारी दल से जुड़े नेता की गिरफ्तारी ने भाजपा के लिए भी असहज स्थिति पैदा कर दी है। एक ओर जहां पुलिस इसे निष्पक्ष जांच का हिस्सा बता रही है, वहीं विपक्ष ने इस मुद्दे पर सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और गिरफ्तारियां भी संभव हैं, क्योंकि 10 लाख रुपये के इस ट्रांजेक्शन के पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा हो सकता है। फिलहाल, जुनेजा को जेल की सलाखों के पीछे अपनी बारी का इंतजार करना होगा।

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