अग्रोहा धाम का बदलेगा नाम? विधायक चंद्रमोहन ने सरकार से की 'श्री अग्रोहा धाम' करने की मांग
Apr 10, 2026 10:40 AM
पंचकूला। पंचकूला में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री और विधायक चंद्रमोहन ने हरियाणा सरकार के सामने अग्रवाल समाज की आस्था और क्षेत्रीय विकास से जुड़ी मांगों का एक लंबा एजेंडा रखा। चंद्रमोहन ने पुरजोर तरीके से कहा कि जिस तरह देश के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों का नाम पूरी श्रद्धा के साथ लिया जाता है, उसी तर्ज पर हिसार स्थित अग्रोहा धाम का आधिकारिक नाम बदलकर 'श्री अग्रोहा धाम' किया जाना चाहिए। इतना ही नहीं, उन्होंने हिसार जिले का नामकरण महाराजा अग्रसेन की विरासत से जोड़ते हुए इसे 'अग्रोह दत्त' करने की भी मांग उठाई है।
घोषणाओं में अटका रेलवे प्रोजेक्ट: श्रद्धालुओं की दिक्कतों पर जताया दर्द
अग्रोहा को सीधी रेलवे लाइन से जोड़ने का मुद्दा उठाते हुए चंद्रमोहन ने कहा कि सरकार ने अब तक इस दिशा में कई बार घोषणाएं तो कीं, लेकिन धरातल पर काम आज भी सिफर है। उन्होंने तर्क दिया कि महाराजा अग्रसेन की यह कर्मभूमि पूरे विश्व में फैले करोड़ों अग्रवाल समाज के लोगों के लिए श्रद्धा का केंद्र है। देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को हिसार से अग्रोहा पहुँचने में भारी मशक्कत करनी पड़ती है। यदि हिसार से सीधी रेलवे लाइन बिछती है, तो इससे न केवल पर्यटन और आस्था को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी।
लाला लाजपत राय के लिए 'भारत रत्न' की वकालत
इस दौरान चंद्रमोहन ने देश की आजादी की लड़ाई में अपना सर्वोच्च बलिदान देने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय का भी जिक्र किया। उन्होंने सरकार से मांग की कि पंजाब केसरी लाला लाजपत राय को उनके ऐतिहासिक योगदान के लिए मरणोपरांत 'भारत रत्न' से सम्मानित किया जाना चाहिए। चंद्रमोहन ने कहा कि महाराजा अग्रसेन के अहिंसा और समाजवाद के सिद्धांतों पर चलकर ही समाज का कल्याण संभव है और उनके पदचिह्नों पर चलने वाले महापुरुषों का सम्मान राष्ट्र का सम्मान है।
भजनलाल परिवार और अग्रवाल समाज का पुराना नाता
प्रेस वार्ता में मौजूद अखिल भारतीय अग्रवाल सम्मेलन के राष्ट्रीय संगठन सचिव विजय बंसल एडवोकेट ने पूर्व मुख्यमंत्री चौधरी भजनलाल के कार्यकाल को याद किया। उन्होंने कहा कि चौधरी भजनलाल के परिवार ने हमेशा अग्रवाल समाज को उचित मान-सम्मान और राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिया है। पंचकूला के सेक्टर-16 में अग्रवाल भवन की नींव रखने से लेकर रायपुररानी और नारायणगढ़ में भवनों के निर्माण तक, इस परिवार का योगदान अतुलनीय रहा है। बंसल ने याद दिलाया कि चंद्रमोहन के प्रयासों से ही पंचकूला और पिंजौर में महाराजा अग्रसेन के नाम पर चौक स्थापित किए गए और समाज के लोगों को राज्यसभा तक भेजा गया।