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पंचकूला में नशे का 'सफेद' साम्राज्य ध्वस्त: 6 करोड़ की हेरोइन के साथ लवजोत काबू

Apr 08, 2026 11:53 AM

पंचकूला। हरियाणा के पंचकूला में क्राइम ब्रांच-26 की टीम ने नशे के खिलाफ एक निर्णायक प्रहार किया है। पुलिस ने साहिल और सतनाम के बाद अब लवजोत नाम के एक बड़े खिलाड़ी को गिरफ्तार कर नशे की सप्लाई चेन को झकझोर दिया है। आरोपी के पास से 3 किलो 400 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 6 करोड़ रुपये आंकी जा रही है। गिरफ्तारी के वक्त तस्कर के पास से 15 लाख रुपये की नकदी भी मिली है, जिसे नशा बेचकर जुटाया गया माना जा रहा है। डीसीपी क्राइम अमरिंदर सिंह ने इस कामयाबी की पुष्टि करते हुए बताया कि यह सिरसा के बाद प्रदेश में हेरोइन की संभवतः सबसे बड़ी खेप है।

चंडीगढ़ को बनाया था 'वार रूम', ट्राइसिटी में फैला रहा था जहर

पकड़ा गया आरोपी लवजोत मूल रूप से पंजाब के जलालाबाद का रहने वाला है, लेकिन उसने अपना ठिकाना चंडीगढ़ में बना रखा था। वह चंडीगढ़ में एक किराए का कमरा लेकर रह रहा था ताकि सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बच सके और ट्राइसिटी (चंडीगढ़, पंचकूला और मोहाली) के युवाओं तक मौत का यह सामान आसानी से पहुंचा सके। रिमांड के दौरान खुलासा हुआ है कि वह काफी समय से इस काले कारोबार में सक्रिय था और एक संगठित गैंग के लिए काम कर रहा था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर 4 दिन का रिमांड हासिल किया है, ताकि उसके गिरोह के अन्य सदस्यों तक पहुंचा जा सके।

पाकिस्तान कनेक्शन की जांच: ड्रोन के जरिए आती थी खेप?

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू इसका 'इंटरनेशनल कनेक्शन' है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, हेरोइन की इतनी बड़ी मात्रा का सीधा लिंक पाकिस्तान से जुड़ी सप्लाई चेन की ओर इशारा कर रहा है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि नशे की ये खेप सीमा पार से पंजाब के रास्ते हरियाणा पहुंचाई जा रही थी। डीसीपी क्राइम ने बताया कि इस सिंडिकेट से जुड़े कुछ अन्य 'हैंडल्स' की पहचान कर ली गई है। पुलिस अब इस बात की तस्दीक कर रही है कि क्या सीमा पार से ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी की जा रही थी और इसमें किन-किन स्थानीय मददगारों का हाथ है।

क्राइम ब्रांच की पैनी नजर, जल्द होंगे और भी खुलासे

पंचकूला पुलिस की यह कार्रवाई नशे के कारोबारियों के लिए एक कड़ा संदेश है। लवजोत से पहले पुलिस ने साहिल और सतनाम को गिरफ्तार किया था, जिनसे पूछताछ के आधार पर ही लवजोत तक पहुंचा जा सका। जांच टीम अब आरोपी के बैंक खातों और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है ताकि नार्को-टेररिज्म के एंगल को भी स्पष्ट किया जा सके। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में कुछ और बड़े नाम सामने आ सकते हैं, जो पंचकूला और आसपास के इलाकों में नशा तस्करी के इस जहरीले नेटवर्क को वित्तपोषित (Fund) कर रहे थे।

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