Panchkula Grievance Meeting: पंचकूला में अवैध माइनिंग पर बड़ा एक्शन, राज्यसभा सांसदों के कहने पर माइनिंग इंजीनियर सस्पेंड
May 25, 2026 3:07 PM
पंचकूला। पंचकूला के प्रशासनिक हलके में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में एक वरिष्ठ अधिकारी को सस्पेंड करने का फरमान सुना दिया गया। पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में चल रही इस बैठक की कमान संभाल रहे पंचायत मंत्री कृष्णलाल पंवार ने साफ कर दिया कि जनता की शिकायतों और अवैध गतिविधियों पर ढुलमुल रवैया बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बैठक के दौरान जब रत्तेवाली गांव में धड़ल्ले से चल रहे अवैध खनन का मुद्दा उठा, तो राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा और कार्तिक शर्मा ने अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए। सांसदों के तीखे तेवरों और जनता की शिकायत को जायज मानते हुए मंत्री ने मौके पर ही सहायक खनन अभियंता राजेंद्र प्रसाद को सस्पेंड करने का हुक्म जारी कर दिया।
पिछली बैठक से अलग रहा माहौल, कई दिग्गज रहे मौजूद
गौरतलब है कि इससे पहले 19 मार्च को हुई ग्रीवेंस कमेटी की बैठक के मुकाबले इस बार का माहौल काफी गरमागरम रहा। इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन बिश्नोई पीठ में दर्द की शिकायत के चलते शामिल नहीं हो सके। हालांकि, सत्तापक्ष और संगठन के कई बड़े चेहरे टेबल पर मौजूद रहे, जिनमें राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष व विधायक ज्ञानचंद गुप्ता और भाजपा जिलाध्यक्ष अजय मित्तल शामिल थे। नेताओं की इस भारी-भरकम मौजूदगी के चलते प्रशासनिक अमला भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया।
जनता की अदालत में उठीं शिकायतें और मंत्री के ऑन-द-स्पॉट फैसले
बैठक में एक-एक कर जनता की समस्याओं को सुना गया और संबंधित विभागों के अधिकारियों की क्लास लगाई गई:
मंदिर के पास अवैध कब्जा: माजरी गांव के अमित ने शिकायत की कि एक रसूखदार व्यक्ति ने मंदिर के नजदीक अवैध शेड डालकर जमीन कब्जा ली है। मंत्री ने नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को 24 घंटे के भीतर इस कब्जे पर पीला पंजा चलाने (हटवाने) के निर्देश दिए।
अवैध मीट मंडी पर एक्शन: बुढनपुर के राजकुमार जैन ने रिहायशी इलाके में लगने वाली अवैध मीट दुकानों और संडे मार्केट का मुद्दा उठाया। कैबिनेट मंत्री विपुल गोयल ने इस पर कड़ा संज्ञान लेते हुए नगर निगम की टीम को तुरंत पूरी मार्केट वहां से साफ करने का जिम्मा सौंपा।
फंड मंजूर, फिर भी पानी को तरस रहा गांव: कंडियाला गांव के सरपंच करण सिंह ने जब मंत्री को बताया कि उनके गांव में ट्यूबवेल लगाने के लिए ₹41 लाख का बजट पास होने के बाद भी काम शुरू नहीं हुआ, तो जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (PHED) के अफसरों ने बहाना बनाया कि फाइल हेडक्वार्टर में है। इस पर मंत्री ने बैठक के बीच ही मुख्यालय फोन मिलाकर फाइल को तुरंत क्लीयर करने और काम शुरू करने को कहा।
अतिक्रमण और लटके बिजली पोल: रायपुररानी में स्कूल के रास्ते पर दुकानदार के अतिक्रमण को लेकर बीडीपीओ को नोटिस थमाया गया। वहीं, पिंजौर की राजबाला की शिकायत पर, जहां बारिश में ढहा बिजली का पोल बिना किसी सपोर्ट के खड़ा कर दिया गया था, बिजली बोर्ड के एसडीओ को सुरक्षा पुख्ता करने की हिदायत दी गई।
टूटी सड़कों को नाबार्ड का सहारा
ग्रामीण अंचल की कनेक्टिविटी को लेकर भी बैठक में चर्चा हुई। खोलमाला गांव के सरपंच जगतार सिंह ने गांव को जोड़ने वाली मुख्य लिंक रोड की खस्ताहालत का मुद्दा उठाया। इस पर लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने कागजी रिकॉर्ड पेश करते हुए बताया कि सड़क निर्माण का यह प्रोजेक्ट नाबार्ड (NABARD) के तहत मंजूर हो चुका है और टेंडर प्रक्रिया पूरी होते ही धरातल पर काम शुरू कर दिया जाएगा।