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खौफनाक मंजर: समालखा के पास आपस में भिड़े 4 वाहन, धू-धू कर जली गाड़ी में किशोरी की मौत

Mar 20, 2026 12:26 PM

पानीपत | दिल्ली-अंबाला नेशनल हाईवे पर समालखा के पास बीती रात मौत ने ऐसा जाल बिछाया कि देखते ही देखते खुशियां मातम में बदल गईं। बृहस्पतिवार रात करीब 10 बजे हुए एक श्रृंखलाबद्ध हादसे ने पूरे इलाके को दहला दिया है। हाईवे की एक लेन में खराब होकर खड़ी दिल्ली नंबर की सिलेरियो कार इस पूरी त्रासदी की जड़ बनी, जिसकी वजह से पीछे से आ रहे वाहन एक-दूसरे में घुसते चले गए। इस भीषण भिड़ंत के बाद ईको वैन में लगी आग ने एक 17 साल की मासूम जान ले ली, जिसे संभलने तक का मौका नहीं मिला।

कैसे शुरू हुआ हादसों का यह सिलसिला?

प्रत्यक्षदर्शियों और पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, जीटी रोड पर एक सिलेरियो कार तकनीकी खराबी के कारण बीच रास्ते में ही थम गई थी। कार सवार नीचे उतरकर मदद का इंतजार कर रहे थे कि तभी पीछे से आ रही एक एमजी हेक्टर कार ने उसे देखकर अपनी रफ्तार धीमी की। हेक्टर के पीछे चल रही सवारियों से भरी ईको वैन ने उसे टक्कर मार दी। अभी ईको में सवार लोग नीचे उतरने की कोशिश ही कर रहे थे कि पीछे से आ रही तेज रफ्तार राजस्थान रोडवेज की बस ने ईको को जोरदार टक्कर मार दी। बस की टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि ईको वैन में तुरंत धमाके के साथ आग लग गई।

बेबस लोग और आग का विकराल रूप

टक्कर लगते ही ईको वैन आग का गोला बन गई। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि वैन में सवार अन्य लोग तो जैसे-तैसे बाहर निकल आए, लेकिन पीछे बैठी 17 वर्षीय किशोरी आग की लपटों के बीच वैन के भीतर ही फंस गई। चीख-पुकार और अफरा-तफरी के बीच आग ने चंद सेकंड में पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। जब तक दमकल विभाग की गाड़ियां मौके पर पहुंचतीं और आग पर काबू पाया जाता, तब तक युवती जिंदा जल चुकी थी। हाईवे पर मची इस चीख-पुकार ने वहां से गुजर रहे हर राहगीर का दिल दहला दिया।

पुलिस जांच और शिनाख्त की चुनौती

हादसे में घायल हुए चार अन्य लोगों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया गया है, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। समालखा थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर चारों क्षतिग्रस्त वाहनों को कब्जे में ले लिया है। पुलिस के लिए सबसे बड़ी चुनौती मृतक युवती की पहचान करना है, क्योंकि उसकी शिनाख्त से जुड़ा कोई दस्तावेज या चश्मदीद फिलहाल सामने नहीं आया है। शव को पोस्टमार्टम के लिए पानीपत के नागरिक अस्पताल के शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों और ईको वैन के रजिस्ट्रेशन नंबर के आधार पर परिजनों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।

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