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नीट पेपर लीक मामले में आरोपी कोचिंग सेंटर मालिकों की इमारतें ध्वस्त करना चाहिए: मंत्री

May 19, 2026 5:08 PM

छत्रपति संभाजीनगर: महाराष्ट्र के मंत्री और शिवसेना नेता संजय शिरसाट ने मंगलवार को कहा कि नीट पेपर लीक मामले में शामिल लोगों के स्वामित्व वाली इमारतों को ध्वस्त कर देना चाहिए। केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लातूर में रेणुकाई केमिस्ट्री क्लासेस (आरसीसी) संचालित करने वाले शिवराज रघुनाथ मोटेगांवकर को नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे, लातूर और अहिल्यानगर से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। 

पत्रकारों से बातचीत में शिरसाट ने नीट की तैयारी कराने वाले कोचिंग संस्थानों की संपत्तियों और बड़े-बड़े विज्ञापनों की ओर इशारा किया। उन्होंने कहा, ‘‘बड़े से बड़ा नेता भी इतने विज्ञापन नहीं करवा सकता। लेकिन अगर हम किसी छोटे से गांव में जाएं, तो वहां कोचिंग क्लास के विज्ञापन मिल जाएंगे। यह पैसा छात्रों की फीस से आता है। इसलिए, नीट मामले में सिर्फ आरोपियों को गिरफ्तार करना काफी नहीं है। इन लोगों की संपत्ति की जांच और उसे जब्त किया जाना चाहिए।’’ मंत्री ने आगे कहा, ‘‘गिरफ्तार किए गए इन लोगों के मालिकाना हक वाली इमारतों को ध्वस्त कर दिया जाना चाहिए।’’ 

विपक्षी दलों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि यह सरकार का आंतरिक मामला है। उन्होंने कहा, ‘‘आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई ज्यादा महत्वपूर्ण है। नीट परीक्षा के पेपर लीक का मामला छोटा नहीं है, और यह 22 लाख छात्रों के भविष्य का सवाल है। ऐसे मामले अब दोबारा नहीं होने चाहिए। इस्तीफा देना है या नहीं, यह सरकार और पार्टी का मामला है।’’ सीबीआई ने इससे पहले रसायन विज्ञान के व्याख्याता पी वी कुलकर्णी और जीव विज्ञान की व्याख्याता मनीषा मंधारे को गिरफ्तार किया था। दोनों की पहचान एक महिला मनीषा वाघमारे के जरिए हुई थी, जो फिलहाल एजेंसी की हिरासत में है।

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