बीजेपी नेता ओमप्रकाश धनखड़ का तंज - लांछनों में फंसी है कांग्रेस, अपनी साख भी नहीं बचा पा रहे हुड्डा
Mar 25, 2026 5:16 PM
हरियाणा। हरियाणा की राजनीति में राज्यसभा चुनाव के बाद से शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। झज्जर के गांव रईया में पहुँचे भाजपा के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने कांग्रेस के जख्मों पर नमक छिड़कते हुए कहा कि पार्टी के भीतर का अंतर्कलह अब जगजाहिर हो चुका है। क्रॉस वोटिंग का जिक्र करते हुए उन्होंने तंज कसा कि जिस पार्टी में अनुशासन का नामोनिशान न हो, वह प्रदेश का भला क्या करेगी। धनखड़ ने कड़े लहजे में कहा, "कांग्रेस पर अब हर तरह के लांछन लग चुके हैं। राज्यसभा चुनाव ने यह साबित कर दिया है कि उनके अपने विधायक ही नेतृत्व के साथ नहीं हैं, ऐसे में जनता उन पर भरोसा कैसे करे?"
रईया में बागवानी का नया अध्याय: पारंपरिक खेती को मिलेगी चुनौती
राजनीतिक हमलों के बीच यह कार्यक्रम क्षेत्र के किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया। बागवानी रीजनल सेंटर का शुभारंभ करते हुए धनखड़ ने इसे इलाके के लिए एक 'गेम चेंजर' बताया। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब किसान केवल गेहूं और धान के चक्र से बाहर निकलकर बागवानी की ओर रुख करें। धनखड़ के मुताबिक, यह सेंटर न केवल तकनीक उपलब्ध कराएगा, बल्कि किसानों की आय दोगुनी करने के सरकारी संकल्प को भी धरातल पर उतारेगा।
मिट्टी की सेहत और वैज्ञानिक खेती का मंत्र
कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद महाराणा प्रताप उद्यान विश्वविद्यालय (करनाल) के कुलपति डॉ. सुरेश मल्होत्रा ने किसानों को व्यावहारिक ज्ञान की घुट्टी पिलाई। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि आधुनिक खेती केवल बीज बोने का नाम नहीं है, बल्कि यह विज्ञान है। डॉ. मल्होत्रा ने किसानों से आग्रह किया कि वे बिना 'मृदा परीक्षण' (Soil Testing) के बागवानी शुरू न करें। उन्होंने बढ़ते कीटनाशकों (Pesticides) के प्रयोग पर चिंता जताते हुए कहा कि अगर हमें खेत और इंसान दोनों को बचाना है, तो संतुलित और वैज्ञानिक पद्धति को अपनाना ही होगा।
एक मंच, दो संदेश: राजनीति और कृषि का मेल
रईया का यह कार्यक्रम रणनीतिक तौर पर काफी अहम रहा। एक तरफ जहाँ धनखड़ ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा कर भाजपा के पक्ष में राजनीतिक माहौल बनाने की कोशिश की, वहीं दूसरी ओर विकास कार्यों के जरिए किसानों की नब्ज टटोलने का प्रयास भी किया। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में राज्यसभा की इस 'क्रॉस वोटिंग' का मुद्दा भाजपा के चुनावी तरकश का मुख्य तीर रहने वाला है, जिसे धनखड़ जैसे मंझे हुए राजनेता धार देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।