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रोहतक में कांग्रेस का 'चूल्हा फूंक' प्रदर्शन: एलपीजी के बढ़ते दामों के खिलाफ महिलाओं ने सड़क पर सेंकी रोटियां

Mar 25, 2026 5:29 PM

रोहतक। रसोई गैस के बढ़ते दामों ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है, जिसका सबसे ज्यादा असर घर का बजट संभालने वाली महिलाओं पर पड़ा है। बुधवार को रोहतक में जिला कांग्रेस कमेटी के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरीं। प्रदर्शन का नजारा बेहद प्रतीकात्मक था; महिलाओं ने हाथों में सिलेंडर के पोस्टर और सिर पर मिट्टी के चूल्हे उठा रखे थे। कांग्रेस भवन के सामने ही उन्होंने चूल्हा जलाया और धुएँ के बीच रोटियां बेलकर यह जताया कि आज सिलेंडर भरवाना उनके बस से बाहर होता जा रहा है।

"उज्ज्वला का सपना, धुआं-धुआं": पर्ल चौधरी और भारत भूषण बत्रा ने साधा निशाना

प्रदर्शन में विशेष रूप से पहुँचीं हरियाणा महिला कांग्रेस की अध्यक्ष पर्ल चौधरी ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण आज हर घर में गृह युद्ध जैसे हालात हैं। गैस एजेंसियों पर घंटों लाइन में लगने के बाद भी सिलेंडर नहीं मिल रहे हैं और जो मिल रहे हैं, उनकी कीमत आम आदमी की पहुँच से दूर है। वहीं, रोहतक के विधायक भारत भूषण बत्रा ने सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि एक तरफ तो सरकार डिजिटल इंडिया और आधुनिकता की बात करती है, लेकिन दूसरी तरफ जनता को वापस चूल्हे और लकड़ी की ओर धकेल रही है।

किल्लत पर 'संशय' का माहौल: प्रधानमंत्री के बयान पर उठाए सवाल

प्रदर्शनकारी महिलाओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हाल ही में आपातकालीन स्थितियों से निपटने के संदर्भ में दिए गए बयानों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता के बीच भारी असमंजस है। उनका कहना था कि सरकार को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वाकई देश और प्रदेश में गैस का भारी संकट (Crisis) है? एजेंसियों के बाहर लगती लंबी-लंबी कतारें और महीनों की वेटिंग यह साबित कर रही है कि आपूर्ति शृंखला पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।

सरकार का फूंका पुतला, राहत की मांग

नारेबाजी के बीच कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सरकार का पुतला फूंका और मांग की कि एलपीजी की कीमतों में तत्काल कटौती की जाए। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि गैस की आपूर्ति सुचारू नहीं हुई और दाम कम नहीं किए गए, तो यह आंदोलन केवल रोहतक तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे हर गांव और मोहल्ले तक ले जाया जाएगा। फिलहाल, इस प्रदर्शन ने शहर के सियासी पारे को गरमा दिया है और महंगाई का मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।

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