राज्यसभा नामांकन खारिज किए जाने के खिलाफ नटराजन की याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा न्यायालय
Jun 11, 2026 1:35 PM
नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की उस याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने मध्य प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र खारिज किए जाने को चुनौती दी है। न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की एक अंशकालिक कार्यदिवस पीठ ने हालांकि यह भी सवाल उठाया कि चुनावी प्रक्रिया जारी रहने के बीच यह याचिका कैसे सुनवाई योग्य है। नटराजन की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक सिंघवी ने पीठ से आग्रह किया कि उनके गैर सूचीबद्ध उल्लेख के अनुरोध पर इस आधार पर विचार किया जाए कि निर्वाचन अधिकारी ने एक कथित आपराधिक मामले के खुलासे में चूक का हवाला देकर उनके नामांकन पत्र को जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत गलत तरीके से खारिज कर दिया है।
राज्यसभा के निर्वाचन अधिकारी अरविंद शर्मा की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि उपलब्ध दस्तावेजों की जांच के बाद पाया गया कि नटराजन ने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म 26 में अदालत में की गई शिकायत का जिक्र नहीं करते हुए अधूरा हलफनामा दाखिल किया था। मध्यप्रदेश विधानसभा के एक अधिकारी के अनुसार, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवार महेश केवट ने निर्वाचन अधिकारी के पास शिकायत दर्ज कराई थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि नटराजन ने अपने हलफनामे में तेलंगाना में उनके खिलाफ दर्ज मामले का उल्लेख नहीं किया है। सिंघवी ने दलील दी कि किसी उम्मीदवार को केवल उन्हीं आपराधिक मामलों का खुलासा करना होता है जिनमें कम से कम दो वर्ष की न्यूनतम सजा का प्रावधान हो, जबकि वर्तमान मामले में केवल समन जारी किए गए हैं।
न्यायमूर्ति मिश्रा ने पूछा, ‘‘क्या यह याचिका सुनवाई योग्य है,’’ और कहा कि उचित कानूनी उपाय चुनाव याचिका दाखिल करना है। निर्वाचन आयोग की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता डी.एस. नायडू ने याचिका का उल्लेख किये जाने का विरोध करते हुए कहा कि आयोग को याचिका की प्रति उपलब्ध नहीं कराई गई है। पीठ ने कहा, ‘‘इसे कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाए, बशर्ते इसमें कोई त्रुटि न हो।’’ नटराजन ने आज सुबह, अपना नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय का रुख किया था। मध्य प्रदेश से राज्यसभा की तीन सीट के लिए चुनाव 18 जून को होना है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि आठ जून थी, जबकि नामांकन पत्रों की जांच मंगलवार से शुरू हुई थी।