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Haryana Rural Development: लाडवा के 14 गांवों की चमकेगी किस्मत, सुमन सैनी ने किया 21-21 लाख की ग्रांट का एलान

Jun 11, 2026 5:49 PM

लाडवा (कैलाश गोयल): हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार इस समय पूरी तरह से 'ग्रामीण मिशन' के मोड में नजर आ रही है। गांवों की सूरत बदलने और उन्हें शहरों की तर्ज पर आधुनिक सुख-सुविधाओं से लैस करने के लिए मुख्यमंत्री लगातार बड़े फैसले ले रहे हैं। यह बात हरियाणा राज्य बाल कल्याण परिषद की उपाध्यक्षा सुमन सैनी ने लाडवा विधानसभा क्षेत्र के गांवों में आयोजित अपने धन्यवादी दौरे के दौरान कही। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने सूबे के गांवों को प्रगति का असली हिस्सेदार बनाने के लिए अपनी तिजोरी खोल दी है, जिसके तहत महज दो दिन पहले ही ग्रामीण विकास से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के लिए 2,697 करोड़ रुपये से अधिक की भारी-भरकम राशि सीधे पंचायतों के खातों के लिए रिलीज की गई है।

सरकार और सरपंचों की साझी जिम्मेदारी, जनभागीदारी से संवरेंगे गांव

ग्रामीणों से सीधा संवाद करते हुए सुमन सैनी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि गांवों की गलियों, नालियों और पानी जैसी बुनियादी समस्याओं का निपटारा करना सिर्फ सरकार के बूते की बात नहीं है। इसके लिए पंचायत प्रतिनिधियों यानी सरपंचों और पंचों को आगे आना होगा। उन्होंने कहा, "कई छोटे-मोटे काम ऐसे होते हैं जिन्हें बिना किसी अतिरिक्त सरकारी मदद के, सिर्फ आपसी भाईचारे और जनभागीदारी से हल किया जा सकता है। इसमें सरपंचों को एक मार्गदर्शक की भूमिका निभानी होगी।"

दौरे के दौरान उपाध्यक्षा ने सूरा गांव में पेयजल किल्लत को दूर करने के लिए नए ट्यूबवेल लगाने के कार्य का विधिवत शुभारंभ किया। इसके बाद वह जैनपुर जाटान पहुंचीं, जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राष्ट्रव्यापी आह्वान 'एक पेड़ मां के नाम' अभियान के तहत पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

ओडीएफ प्लस मॉडल और 21 लाख की बढ़ी हुई सीमा से चमकेगी गांवों की किस्मत

सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए सुमन सैनी ने एक बड़ा आंकड़ा साझा किया। उन्होंने बताया कि मौजूदा सरकार की नीतियों के कारण आज हरियाणा के 98 प्रतिशत से अधिक गांव ओडीएफ (खुले में शौच मुक्त) प्लस की श्रेणी में आ चुके हैं। सरकार का संकल्प है कि आने वाले 2 अक्टूबर 2026 तक सूबे के शत-प्रतिशत गांवों को 'ओडीएफ प्लस मॉडल गांव' के रूप में विकसित कर दिया जाएगा। उन्होंने मुख्यमंत्री के उस ऐतिहासिक फैसले की भी जमकर तारीफ की, जिसमें ग्राम पंचायतों को बिना ई-टेंडरिंग के सीधे विकास कार्य कराने की वित्तीय सीमा को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर सीधे 21 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे ग्रामीण स्तर पर लालफीताशाही खत्म होगी और काम तेजी से होंगे।

शिकायतों का मौके पर निपटारा और विकास अनुदान की झड़ी

दौरे के दौरान सुमन सैनी ने ग्रामीणों से मिलकर उनकी लिखित शिकायतें लीं और मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को उन्हें अविलंब दूर करने के कड़े निर्देश दिए। मुख्यमंत्री की ओर से क्षेत्र के विकास को रफ्तार देने के लिए उन्होंने लाठी धनोरा, बडोंदी, बरोट, जैनपुर जटान, ब्राहण, डूडा, डूडी, सलेमपुर, सम्भालखा, सूरा, बडशामी, जंधेडा, मुरादनगर और भूत माजरा गांव के लिए 21-21 लाख रुपये की विकास राशि देने का ऐलान किया।

इस मौके पर मुख्यमंत्री कार्यालय के प्रभारी कैलाश सैनी, बाल कल्याण परिषद के चेयरमैन डॉ. गणेश दत्त, चेयरपर्सन साक्षी खुराना, मंडल अध्यक्ष शिव गुप्ता, विकास शर्मा, नरेंद्र सिंह, अमरेंद्र सिंह, पूनम सैनी सहित भारी संख्या में इलाके के प्रबुद्ध नागरिक और पंच-सरपंच मौजूद रहे।

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