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Haryana Weather Update: हिसार, सिरसा और भिवानी समेत इन जिलों में आज शाम आएगी आंधी, बारिश का अलर्ट जारी

Jun 11, 2026 6:45 PM

चंडीगढ़। पिछले कई दिनों से सूरज की तपिश और लू के थपेड़ों से झुलस रहे हरियाणा वासियों के लिए राहत भरी खबर है। मौसम के मिजाज में अचानक एक बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, एक नए मौसमी सिस्टम के सक्रिय होने से आज शाम सूबे के कई हिस्सों में धूलभरी आंधी के साथ झमाझम बारिश होने के आसार बन रहे हैं। विभाग ने विशेष रूप से सिरसा, हिसार, हांसी, भिवानी और महेंद्रगढ़ जिलों के लिए हाई अलर्ट जारी किया है। इन इलाकों में गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने और आसमान में काले बादल छाने की संभावना जताई गई है।

पंजाब और राजस्थान के सीमावर्ती इलाकों में भी दिखेगा असर

मौसम का यह यू-टर्न केवल हरियाणा तक ही सीमित नहीं रहने वाला है। इससे सटे पड़ोसी राज्यों में भी इसका व्यापक असर देखने को मिलेगा। राजस्थान के शेखावाटी और मेवात क्षेत्र से लगते जिलों— हनुमानगढ़, झुंझुनू, कोटपुतली, खैरथल, तिजारा और डीग में भी देर शाम तक आंधी-तूफान और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। वहीं दूसरी ओर, पंजाब के मालवा बेल्ट के मुक्तसर, बठिंडा और उनके आसपास के इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की पूरी संभावना बनी हुई है, जिससे तापमान में भारी गिरावट दर्ज की जा सकती है।

आकाशीय बिजली और ओलावृष्टि की चेतावनी, प्रशासन ने जारी की एडवायजरी

मौसम विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इस दौरान हवाओं की रफ्तार काफी तेज हो सकती है, जो कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि (Hailstorm) और आकाशीय बिजली गिरने (Lightning) का कारण बन सकती है। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने आम नागरिकों और विशेषकर किसानों के लिए जरूरी हिदायतें जारी की हैं।

लोगों से अपील की गई है कि जब तक कोई बेहद जरूरी काम न हो, तब तक घरों से बाहर न निकलें। विशेष रूप से बच्चों को शाम के समय खुले मैदानों में खेलने के लिए न भेजने की हिदायत दी गई है। खराब मौसम के दौरान ट्रांसफार्मर, बिजली के खंभों और ऊंचे पेड़ों के नीचे खड़े होना जानलेवा साबित हो सकता है, इसलिए सुरक्षित स्थानों पर ही पनाह लें।

किसानों को अलर्ट रहने की सलाह

कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम के ताजा अपडेट पर लगातार नजर बनाए रखें। जिन किसानों की फसलें खुले में पड़ी हैं या जो बुआई की तैयारी कर रहे हैं, वे मौसम की स्थिति को देखकर ही अगला कदम उठाएं। कटी हुई फसलों और मंडियों में रखे अनाज को तिरपाल से ढकने की व्यवस्था पहले से ही कर ली जाए ताकि अचानक होने वाली बारिश से नुकसान को कम किया जा सके।

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