Haryana Gram Panchayat: नीलोखेड़ी में जुटे 11 जिलों के पंचायत अधिकारी, डिजिटल सुशासन पर डॉ. वीरेंद्र चौहान का बड़ा बयान
Jun 11, 2026 5:25 PM
नीलोखेड़ी (महाबीर मैहला): ग्रामीण भारत की आत्मा कहे जाने वाले गांवों की दशा और दिशा बदलने के लिए अब तकनीक का सहारा लिया जा रहा है। इसी कड़ी में नीलोखेड़ी के राजीव गांधी राज्य पंचायती राज एवं सामुदायिक विकास संस्थान में पंचायत विकास योजना और अपडेटेड 'ई-ग्राम स्वराज पोर्टल' (फॉर पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27) विषय पर एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस मौके पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के निदेशक डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि ग्रामीण विकास का असली लाभ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक तभी पहुंचेगा, जब हमारी ग्राम पंचायतें जमीन से जुड़ी आवश्यकताओं और जनता की सीधी हिस्सेदारी के साथ अपनी योजनाएं खुद तैयार करेंगी।
पारदर्शिता की नई इबारत लिखेगा अपडेटेड ई-ग्राम स्वराज पोर्टल
सत्र को संबोधित करते हुए डॉ. वीरेंद्र सिंह चौहान ने जमीनी स्तर पर प्रशासनिक सुधारों की वकालत की। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार का पूरा जोर इस बात पर है कि पंचायतों में होने वाले विकास कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही तय हो। उन्होंने कहा, "अपडेटेड ई-ग्राम स्वराज पोर्टल ग्रामीण अंचल में डिजिटल सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इस कार्यशाला में आए मास्टर ट्रेनर्स की यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि वे यहां सीखे गए तकनीकी ज्ञान को ब्लॉक और ग्राम स्तर तक पूरी ईमानदारी से ट्रांसफर करें।" डॉ. चौहान ने साफ किया कि अगर पंचायत प्रतिनिधि, सरकारी तंत्र और ग्रामीण समाज मिलकर एक टीम की तरह काम करें, तो हरियाणा का हर गांव स्वावलंबी बन सकता है।
16वें वित्त आयोग के नए नियमों पर हुआ मंथन, चंडीगढ़ से पहुंचे एक्सपर्ट्स
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान हाल ही में लागू हुए 16वें वित्त आयोग के नए बजटीय प्रावधानों और फंड आवंटन के तौर-तरीकों पर भी विस्तार से चर्चा की गई। संस्थान की प्राचार्या डॉ. सोनिका भट्टी ने आए हुए मेहमानों का स्वागत करते हुए कहा कि जब तक हमारे जमीनी स्तर के अधिकारियों को नए पोर्टल और आधुनिक तकनीकों की मुकम्मल जानकारी नहीं होगी, तब तक पंचायतों को सशक्त बनाना मुमकिन नहीं है।
इसी क्रम में विकास एवं पंचायत विभाग, चंडीगढ़ से विशेष तौर पर पहुंचीं मीनू रेड्डू ने तकनीकी सत्र का संचालन किया। उन्होंने पीपुल्स प्लान कैंपेन 2026-27 की बारीक कार्यप्रणाली को समझाते हुए बताया कि नए डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अब चंडीगढ़ और दिल्ली में बैठकर भी किसी भी गांव की विकास योजना की लाइव मॉनिटरिंग और उसका सटीक क्रियान्वयन बेहद प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा।
समन्वय से दूर होंगी जमीनी अड़चनें: बीडीओ मोनिका
कार्यक्रम में करनाल की खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (बीडीपीओ) मोनिका ने भी अपने फील्ड के अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि कई बार योजनाओं के क्रियान्वयन में अफसरों और पंचायत प्रतिनिधियों के बीच तालमेल की कमी आड़े आती है, लेकिन ई-ग्राम स्वराज पोर्टल इस फासले को पाटने का काम करेगा।
इस उच्च स्तरीय प्रशिक्षण शिविर में हरियाणा ग्रामीण विकास संस्थान के सहायक प्रोफेसर संदीप कुमार, सहायक प्रोफेसर डॉ. सुशील मेहता, स्टेट पंचायत रिसोर्स सेंटर की सलाहकार नीलम छिकारा और पंचकूला से डीपीएम सुशील सहित हरियाणा के 11 जिलों से आए तमाम आला अधिकारी और पंचायत विशेषज्ञ मौजूद रहे।