33 साल की उम्र, डीयू में प्रोफेसर... फिर भी डिप्रेशन से हारे भास्कर, रोहतक में नहर से मिली लाश
May 17, 2026 12:54 PM
रोहतक। मानसिक तनाव और डिप्रेशन एक ऐसा खामोश कातिल है जो इंसान को अंदर ही अंदर खोखला कर देता है। इसका एक और बेहद दुखद उदाहरण शनिवार सुबह रोहतक में देखने को मिला, जहाँ दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के आत्माराम सनातन धर्म कॉलेज के एक होनहार सहायक प्रोफेसर ने महज 33 साल की उम्र में मानसिक तनाव के आगे घुटने टेक दिए। बहादुरगढ़ के रहने वाले प्रोफेसर भास्कर वशिष्ठ ने शनिवार तड़के रोहतक की जवाहरलाल नेहरू (JLN) नहर में कूदकर अपनी जान दे दी। एक पढ़े-लिखे और युवाओं का भविष्य संवारने वाले शिक्षक के इस आत्मघाती कदम ने एक बार फिर समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और अवसाद के गंभीर मुद्दे पर सोचने को मजबूर कर दिया है।
एमडीयू में तैनात हैं पिता, पिछले एक साल से गुमसुम था भास्कर
मूल रूप से बहादुरगढ़ निवासी भास्कर वशिष्ठ के पिता रूप किशोर वशिष्ठ महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU) रोहतक में ही लाइब्रेरी असिस्टेंट के पद पर कार्यरत हैं। रोहतक से गहरे जुड़ाव के बावजूद किसी को अंदाजा नहीं था कि भास्कर यहाँ आकर ऐसा खौफनाक कदम उठा लेगा। रोते-बिलखते पिता ने पुलिस को बताया कि 33 वर्षीय भास्कर अभी अविवाहित था और पिछले करीब एक साल से दिल्ली विश्वविद्यालय के आत्माराम कॉलेज में बतौर असिस्टेंट प्रोफेसर (गेस्ट फैकल्टी) अपनी सेवाएं दे रहा था।
सब कुछ ठीक चल रहा था, लेकिन पिछले कुछ महीनों से भास्कर गहरे डिप्रेशन की गिरफ्त में आ गया था। उसकी मानसिक स्थिति इतनी बिगड़ चुकी थी कि उसने अपने परिवार के सदस्यों और दोस्तों से भी पूरी तरह दूरी बना ली थी। वह घर में भी किसी से बातचीत नहीं करता था और दिन-ब-दिन अपनी ही दुनिया में सिमटता जा रहा था।
शुक्रवार शाम घर से निकला, सुबह आईजी दफ्तर के पास मिली स्कूटी
परिजनों के मुताबिक, शुक्रवार की शाम भास्कर ने घर पर सिर्फ इतना कहा कि वह बाहर जा रहा है, लेकिन उसने यह नहीं बताया कि वह कहाँ और क्यों जा रहा है। जब वह देर रात तक वापस नहीं लौटा, तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। इस बीच, शनिवार सुबह करीब छह बजे रोहतक की आईएमटी (IMT) थाना पुलिस का फोन पिता के पास आया, जिसने उनके पैरों तले से जमीन खिसका दी।
पुलिस ने सूचना दी कि रोहतक में आईजी (IG) कार्यालय के नजदीक गुजर रही जेएलएन नहर के किनारे एक लावारिस स्कूटी खड़ी मिली है, जिसका नंबर भास्कर के नाम पर रजिस्टर्ड था। अनहोनी की आशंका के चलते जब पुलिस और गोताखोरों ने नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया, तो कुछ ही दूरी पर भास्कर का शव पानी में तैरता हुआ बरामद हुआ।
पुलिस ने शुरू की तफ्तीश, शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
मामले की जानकारी देते हुए आईएमटी थाना प्रभारी सब-इंस्पेक्टर (SI) अश्वनी अहलावत ने बताया कि पुलिस को सुबह राहगीरों के जरिए नहर किनारे स्कूटी खड़ी होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर जब जांच की गई, तो मामला आत्महत्या का निकला। प्रारंभिक जांच और परिजनों के बयानों से साफ है कि मृतक प्रोफेसर लंबे समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर रोहतक पीजीआईएमएस (PGIMS) के शवगृह में पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस इस मामले में हर एंगल से जांच कर रही है कि कहीं इस डिप्रेशन के पीछे कोई अन्य कारण या पेशेवर दबाव तो नहीं था।