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रोहतक में बड़ा हादसा: डी-पार्क के पास जूता शोरूम में AC कंप्रेसर फटा, 5 दुकानें जलकर खाक, NDRF तैनात

Jun 09, 2026 5:25 PM

रोहतक।  रोहतक का दिल कहे जाने वाले डी-पार्क इलाके में मंगलवार की दोपहर उस वक्त चीख-पुकार और अफरा-तफरी में बदल गई, जब एक नामी जूतों के शोरूम की दीवारें जोरदार धमाके के साथ दहल उठीं। दोपहर करीब डेढ़ बजे 'रोहतक शूज' नाम के शोरूम में लगे एसी का कंप्रेसर अचानक फट गया। धमाका इतना जोरदार था कि आसपास की धरती हिल गई और जब तक कोई कुछ समझ पाता, शोरूम के भीतर से आग की गगनचुंबी लपटें बाहर निकलने लगीं। चूंकि जूतों के डिब्बे, चमड़ा और रबर अत्यधिक ज्वलनशील होते हैं, इसलिए आग ने पलक झपकते ही विकराल रूप धारण कर लिया और बगल की चार अन्य दुकानों को भी अपने आगोश में ले लिया।

चश्मदीदों की जुबानी: धमाके के बाद मची भगदड़

घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिस वक्त यह हादसा हुआ, शोरूम के भीतर कुछ ग्राहक खरीदारी कर रहे थे और कर्मचारी अपने काम में व्यस्त थे। तभी अचानक एसी यूनिट में एक तेज ब्लास्ट हुआ।

एक चश्मदीद दुकानदार ने बताया: "धमाके की आवाज सुनते ही हम बाहर भागे। देखा तो रोहतक शूज से काले धुएं का गुबार उठ रहा था। दुकान के अंदर मौजूद लोग बदहवास होकर बाहर की तरफ भागे। गनीमत रही कि कई लोग तुरंत सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि उन्होंने चंद मिनटों में ही पूरी कतार को अपनी चपेट में ले लिया।" आग की तीव्रता और हवा के रुख को देखते हुए पास के कपड़ा व्यापारियों में भी हड़कंप मच गया। वे आनन-फानन में अपनी दुकानों से कीमती स्टॉक समेटकर सुरक्षित ठिकानों की ओर भागते नजर आए।

हाई-प्रोफाइल जोन में हादसा, NDRF ने संभाला मोर्चा

यह पूरी घटना सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा के रोहतक स्थित आवास (कोठी) से महज 50 मीटर की दूरी पर हुई है, जिसके चलते प्रशासनिक अमला तुरंत हरकत में आ गया। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए रोहतक के अलावा झज्जर, भिवानी, बहादुरगढ़ और गोहाना से दमकल की अतिरिक्त गाड़ियां बुलाई गईं।

खबर लिखे जाने तक दमकल की 9 गाड़ियां लगातार पानी की बौछारें कर आग पर काबू पाने की कोशिश में जुटी थीं। सबसे बड़ी चिंता दुकानों के अंदर 4 से 5 लोगों के फंसे होने की आशंका को लेकर है। इसी के मद्देनजर राष्ट्रीय आपदा अनुक्रिया बल (NDRF) की विशेष टीम को भी रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए ग्राउंड पर उतारा गया है। मौके पर आईजी सिमरदीप सिंह, डीसी सचिन गुप्ता और एसपी गौरव राजपुरोहित खुद मोर्चा संभाले हुए हैं और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई है।

प्रशासन के दावों पर उठे सवाल, व्यापारियों में रोष

इस बीच, हादसे को लेकर स्थानीय व्यापारियों और दुकानदारों का गुस्सा फूट पड़ा है। व्यापारी नेता गुलशन डंग ने दमकल विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

गुलशन डंग ने सीधे तौर पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा: "प्राथमिक तौर पर यह हादसा एसी ब्लास्ट की वजह से ही हुआ प्रतीत होता है, लेकिन असली कारणों का पता जांच के बाद चलेगा। सबसे दुखद बात यह है कि सूचना देने के करीब 20 मिनट बाद दमकल की पहली गाड़ी मौके पर पहुंची और दूसरी गाड़ी को आने में करीब एक घंटा लग गया। अगर फायर ब्रिगेड की गाड़ियां समय पर पहुंच जातीं, तो आग को एक ही दुकान तक सीमित रखा जा सकता था। इस लेट-लतीफी ने आज कई परिवारों का रोजगार और करोड़ों का कारोबार स्वाहा कर दिया।"

फिलहाल पुलिस और प्रशासन की पहली प्राथमिकता आग को पूरी तरह बुझाने और अंदर फंसे संभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने की है। रिहायशी और कमर्शियल हब के बीचों-बीच हुए इस हादसे ने एक बार फिर व्यावसायिक इमारतों में फायर सेफ्टी ऑडिट और प्रशासनिक तत्परता की पोल खोल कर रख दी है।

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