UPSC सिविल सर्विस 2025 का रिजल्ट जारी, चित्तौड़गढ़ के अनुज अग्निहोत्री रहे टॉपर
Mar 06, 2026 4:42 PM
नई दिल्ली: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सिविल सर्विस परीक्षा 2025 का फाइनल रिजल्ट जारी कर दिया है। इस वर्ष राजस्थान के चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा निवासी अनुज अग्निहोत्री ने ऑल इंडिया रैंक 1 हासिल की है। आयोग की ओर से जारी सूची के अनुसार कुल 958 उम्मीदवारों का चयन विभिन्न केंद्रीय सेवाओं के लिए किया गया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम UPSC की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in और upsconline.nic.in पर देख सकते हैं। परीक्षा प्रक्रिया में प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू के बाद अंतिम मेरिट सूची तैयार की जाती है।
रावतभाटा के अनुज अग्निहोत्री ने हासिल की पहली रैंक
चित्तौड़गढ़ जिले के रावतभाटा के रहने वाले अनुज अग्निहोत्री ने इस बार सिविल सेवा परीक्षा में देशभर में पहला स्थान प्राप्त किया है। अनुज इससे पहले भी दो बार UPSC परीक्षा पास कर चुके हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने पहले प्रयास में परीक्षा पास की थी और उन्हें दिल्ली में एसडीएम के पद पर नियुक्ति मिली थी।
अनुज के पिता केबी अग्निहोत्री राजस्थान परमाणु बिजलीघर की यूनिट 1 और 2 में कार्यरत हैं, जबकि उनकी मां मंजू अग्निहोत्री गृहिणी हैं। अनुज ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रावतभाटा के परमाणु ऊर्जा केंद्रीय विद्यालय से की है। 12वीं कक्षा में उन्होंने 94 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे और उन्हें टेबल टेनिस खेलना भी पसंद है।
180 उम्मीदवारों का IAS के लिए चयन
UPSC द्वारा जारी अंतिम परिणाम के अनुसार इस बार कुल 958 उम्मीदवारों को अलग-अलग सेवाओं के लिए चुना गया है। इनमें से 180 उम्मीदवार भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) के लिए चयनित हुए हैं। इसके अलावा अन्य उम्मीदवारों का चयन भारतीय पुलिस सेवा, भारतीय विदेश सेवा और अन्य केंद्रीय सेवाओं में किया गया है।
27 फरवरी को समाप्त हुए इंटरव्यू
UPSC सिविल सर्विस परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा 25 मई 2025 को आयोजित की गई थी। इसके बाद मुख्य परीक्षा 22 अगस्त से 31 अगस्त 2025 तक आयोजित हुई थी। मेन्स परीक्षा में सफल उम्मीदवारों के लिए पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू आयोजित किए गए थे, जो 27 फरवरी 2026 को समाप्त हुए। इन सभी चरणों के बाद आयोग ने अंतिम परिणाम जारी किया है।
नई कैडर एलोकेशन पॉलिसी लागू
भारत सरकार ने इस वर्ष सिविल सेवा अधिकारियों के कैडर आवंटन से जुड़ी नीति में बदलाव किया है। 2017 से लागू जोन सिस्टम को समाप्त कर नई कैडर एलोकेशन पॉलिसी 2026 लागू की गई है। इसके तहत अब साइकिल सिस्टम के माध्यम से अधिकारियों के कैडर का आवंटन किया जाएगा।
नई व्यवस्था के अनुसार सभी 25 कैडरों को वर्णानुक्रम में व्यवस्थित कर चार अलग-अलग समूहों में विभाजित किया गया है। यह नई नीति भारतीय प्रशासनिक सेवा, भारतीय पुलिस सेवा और भारतीय वन सेवा के चयनित अधिकारियों पर लागू होगी और इसी आधार पर भविष्य में कैडर आवंटन किया जाएगा।